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OMG: सांप के मरने के बाद भी जिंदा रहता है उसका जहर, कुछ घंटों बाद भी इंसान के लिए हो सकता है जानलेवा

Shocking News: किसी सांप के मरने के बाद उसके अंदरूनी अंग तुरंत काम करना बंद नहीं करते। सांप के मरने के बाद उसकी रीढ़ की हड्डी से जुड़ी रिफ्लेक्स क्रियाएं जारी रहती हैं, जो काफी समय तक चलती हैं। इसलिए कोबरा और करैत सांपों से अक्सर दूर रहना चाहिए।

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प्रतीकात्मक तस्वीर (iStock)

Shocking News: धरती पर पाए जाने वाले जीवों में सांप सबसे जहरीले जीवों में शामिल होता है। धरती पर वैसे तो 3000 से 3500 प्रजाति के सांप मिलते हैं, लेकिन इनमें से मात्र 600 प्रजाति के सांप ही जहरीले होते हैं। भारत में भी सिर्फ 60 प्रजाति के सांप ही जहरीले पाए जाते हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि सांप के मरने के बाद भी क्या उसका जहर उतना ही असरदार होता है। क्या सांप के मरने के बाद उसका जहर बेकार हो जाता है। बता दें कि इस धरती पर कुछ सांप इतने जहरीले होते हैं, जिनके काटते ही इंसान सीधे स्वर्ग पहुंच जाता है।

हैरान कर देगी सच्चाई

सांप के मरने और उसके जहर से जुड़ी सच्चाई आपको हैरान कर देगी। एक रिसर्च में दावा किया गया है कि मरे हुए सांप का जहर उसकी मौत के कई घंटों के बाद भी असरदार हो सकता है। गौरतलब है कि किसी सांप के मरने के बाद उसके अंदरूनी अंग तुरंत काम करना बंद नहीं करते। सांप के मरने के बाद उसकी रीढ़ की हड्डी से जुड़ी रिफ्लेक्स क्रियाएं जारी रहती हैं, जो काफी समय तक चलती हैं। इसलिए कोबरा और करैत सांपों से अक्सर दूर रहना चाहिए। ऐसे सांपों के जहर की ग्रंथि दबने से जहर इंजेक्ट हो सकता है।

मरने के बाद कंट्रोल से बाहर हो जाता है जहर

बता दें कि जीवित सांप जहां अपने जहर को कंट्रोल में कर सकता है। वहीं, दूसरी तरफ मरने के बाद सांप अपने जहर से नियंत्रण खो देता है। उसकी मौत के बाद जहर से सांप का कंट्रोल पूरा तरह खत्म हो जाता है। इसलिए बड़े-बुजुर्ग कहते हैं कि मर जाने के बाद भी सांप से पूरी तरह दूरी बनाकर रखनी चाहिए, क्योंकि यह कभी भी जानलेवा हो सकता है। जहरीले सांप के मरने के बाद उससे किसी भी तरह का संपर्क नहीं बनाना चाहिए।

डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।

Aditya Sahu
आदित्य साहूauthor

आदित्य साहू टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स और ट्रेडिंग कंटेंट लिखतें हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने के बाद वह पिछले 10 सालों से मीडिया में सक्रिय हैं। स्पोर्ट्स इवेंट की रियल टाइम कवरेज, डाटा टॉपिक्स और अनोखे कंटेंट आइडियाज को आकर्षक और एंगेजिंग तरीके से प्रस्तुत करना आदित्य की खासियत है। उनकी कॉपी राइटिंग और इंटरेस्टिंग हेडलाइन बनाने की क्षमता उन्हें डिजिटल दुनिया में अलग पहचान देती है। 15,000 से अधिक बायलाइन स्टोरी पब्लिश कर चुके आदित्य का लक्ष्य हर खबर को यूनिक एंगल और स्टोरीटेलिंग के रोचक अंदाज में पेश करना है।

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