Vintage Radio Collection: कहते हैं शौक बड़ी चीज है। शौक को पूरा करने के लिए कुछ लोग काफी पैसे भी खर्च करते हैं। वहीं, कुछ लोग ऐसे भी हैं, जिन्हें एंटीक चीजों को कलेक्शन करने का शौक होता है। आज हम आपको एक ऐसे ही शख्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके पास विंटेज रेडियो का शानदार कलेक्शन है। रेडियो दिवस पर हम आपको मिलवाने जा रहे हैं धवल भंडारी से, जिनके पास 1927 से लेकर 2022 तक के हर तरह के रेडियो मौजूद हैं।
वर्तमान समय में स्मार्टफोंस का जबरदस्त ट्रेंड चला है, लेकिन इस ट्रेंड में कई ऐसे लोग भी हैं, जो एंटीक चीजों के दीवाने होते हैं। गुजरात के सूरत के रहने वाले धवल भंडारी भी इन्हीं में से एक हैं, जिनके पास रेडियो का शानदार कलेक्शन है। रेडियो के शौकीन इस युवक के पास 100 से ज्यादा देसी और विदेशी बनावट के रेडियो का संग्रह है, जिनमें से बहुत सारे तो अब सही कंडीशन में हैं।
एंटीक रेडियो का धांसू कलेक्शन
जून 1923 में भारत में रेडियो की शुरुआत हुई, जिसने बच्चों से लेकर बुजुर्ग सभी के जीवन की दशा और दिशा बदल दी। देश की आजादी की पहली घोषणा भी रेडियो के माध्यम से ही देशवासियों को मिली थी। सूरत शहर के उधना दरवाजा इलाके में रहने वाले धवल भंडारी अपने दादा के शौक को आगे बढ़ाने में लगे हैं। उनके पास विदेशी और देसी दोनों बनावट की एंटीक रेडियो का जबरदस्त संग्रह है। धवल ने अपने दादा के शौक को न केवल आगे बढ़ाया, बल्कि उसमें चार चांद भी लगा दिया। धवल मानते हैं कि उनके गांव में आज भी रेडियो का ही चलन ज्यादा है। बात चाहे नेशनल पैनासोनिक की हो, मर्सी की, फिलिप्स की, बुश की या मित्सुबिशी की, सभी धवल के कलेक्शन में मौजूद हैं। इन कलेक्शन में 6 से 7 रेडियो भारत में निर्मित हैं।
