IPS Officer Aslam Khan : भारत सचमुच में विचित्र देश है..यहां की विविधता, संस्कृति और विचार यूं ही नहीं विदेशियों को प्रभावित करते हैं। ये बातें हम आपसे इसलिए कह रहे हैं क्योंकि इन दिनों एक IPS अफसर असलम खान चर्चा में आ गई हैं। अब आप सोच रहे होंगे इनमें ऐसा क्या खास है ? तो हम आपको बता दें कि ये मुस्लिम IPS अफसर भगवान शिव और श्रीकृष्ण की परम भक्त हैं। जितना ये नमाज को तवज्जो देती हैं उससे कहीं ये ज्यादा ये शिव-कृष्ण साधना में लीन रहती हैं। सनानत संस्कृति को अपनाकर नियमों को मानने वाली असलम खान अपने धर्म और परंपराओं का भी उतना ही सम्मान करती हैं। ये महिला अफसर कौन हैं, कैसे ये भगवान शिव और श्रीकृष्ण की अनन्य उपासक बन गईं समेत इनके व्यक्तित्व के बारे में आज हम आपको बताएंगे।
कौन हैं ये मुस्लिम IPS
IPS अफसर असलम खान का नाम सुनकर कहीं आप इन्हें पुरुष तो नहीं समझ बैठे..क्योंकि नाम इनका भले ही पुरुषों के समान है, लेकिन वास्तव में ये महिला हैं। इसके पीछे भी एक कहानी है। दरअसल, असलम के पिता की ख्वाहिश थी उनके घर बेटा जन्म ले जिसका नाम वे पहले से सोचे थे। हालांकि नियति ने शायद पहले से ही इसका फैसला कर रखा था। तभी इनके घर में बेटी ने जन्म लिया।

माता-पिता के साथ असलम खान।
आर्थिक स्थिति ठीक न होने बावजूद असलम को उनके पिता ने अच्छी शिक्षा दिलाई। पिता की मजबूरी समझते हुए असलम में ने भी IPS बनने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। असलम 2007 बैच की IPS अफसर हैं, उन्हें AGMUT कैडर अलॉट किया गया था। 2007 में IPS अफसर पंकज कुमार से शादी करने के बाद अब वे दोनों गोवा में ही पोस्टेड हैं और दोनों के दो बच्चे भी हैं।

बच्चों के साथ असलम खान।
ऐसे बनीं सनातन की उपासक
असलम 2014 में जयपुर स्थित गोविंद देव मंदिर गईं थीं, इसके बाद उनके मन में कृष्ण भक्ति का भाव जाग्रत हुआ। वे सभी धर्मों का सम्मान करती हैं और सबकी आस्था का ख्याल रखती हैं इसके बाद से वे सनातन की उपासक बन गईं और भगवान शिव और श्रीकृष्ण की पूजा करने लगीं। बता दें कि, असलम को उनकी ईमानदारी के लिए भी जाना जाता है। वे सभी की मदद करने के लिए तत्पर रहती हैं।
असलम का व्यक्तित्व
जैसा कि हमने आपको बताया कि, असलम खान दूसरों की मदद करने को तत्पर रहती हैं। इस बात को प्रमाण है ये किस्सा - IPS असलम खान 2018 में उत्तर पश्चिमी दिल्ली की डीएसपी थीं। उस समय दिल्ली के जहांगीरपुरी में मान सिंह नामक एक ट्रक ड्राइवर की लूट के इरादे से बेरहमी से हत्या कर दी गई। बताते हैं कि, मान सिंह 5 लोगों के परिवार में कमाने वाले इकलौते सदस्य थे। वे अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बसे सुचेतगढ़ गांव में रहते थे और तब से ही असलम खान मान सिंह के परिवार को अपनी सैलरी का कुछ हिस्सा भेजती आ रही हैं।
