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मां-बेटी ने मिलकर 8000 कांच के बोतलों से बनाया ऐसा शानदार घर, देखते ही कहेंगे - दिस इज सो ब्यूटीफूल

ब्राजील के इटामाराका द्वीप पर एडना और उनकी बेटी गैब्रिएली ने 8,000 कांच की बोतलों से 'सॉल्ट हाउस' नाम का एक अनोखा घर बनाया है। यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए प्रेरणादायक है।

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8,000 कांच की बोतलों से बना अनोखा घर (Instagram)

KEY HIGHLIGHTS
  • मां-बेटी ने मिलकर बनाया अनोखा घर
  • 8,000 कांच की बोतलों से बना 'सॉल्ट हाउस'
  • जमकर वायरल हो रहा ये वीडियो

House Made By 8000 Bottles: ब्राजील के इटामाराका द्वीप पर एडना और उनकी बेटी मारिया गैब्रिएली ने पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए एक अभिनव और प्रेरणादायक कदम उठाया है। उन्होंने समुद्र तट से संग्रहित 8,000 से अधिक कांच की बोतलों का उपयोग करके एक अनोखा घर बनाया है, जिसे 'सॉल्ट हाउस' नाम दिया गया है। 55 वर्षीय एडना, जो एक सामाजिक और पर्यावरण शिक्षक हैं, ने अपने बचपन से स्थिरता और पुनर्चक्रण के महत्व को समझा और इसे अपनी बेटी गैब्रिएली के साथ साझा किया। गैब्रिएली, जो एक फैशन डिजाइनर हैं, ने भी इस दिशा में अपनी मां की सोच को आगे बढ़ाते हुए इसे एक वास्तविकता में बदला।

उनकी मेहनत को दर्शाते हुए, 7 कमरों का यह घर पूरी तरह से कांच की बोतलों से निर्मित है, और इसके छत की टाइलें टूथपेस्ट की ट्यूबों से बनी हैं। दो साल की निरंतर मेहनत ने उन्हें अपने सपने को पूरा करने का एक नया रास्ता दिखाया है। 'सॉल्ट हाउस' अब पर्यटकों के लिए उपलब्ध है, जो इसे एक अस्थायी आवास के रूप में उपयोग कर सकते हैं। यह परियोजना न केवल अद्भुत वास्तुकला का उदाहरण है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का एक सशक्त माध्यम भी है।

8,000 कांच की बोतलों से बना अनोखा घर

उनका यह प्रयास दर्शाता है कि कैसे साधारण सामग्रियों का उपयोग करके नवाचार किया जा सकता है। मां-बेटी की यह जोड़ी आदिवासी समुदाय से आती है और उन्होंने अपनी कलात्मकता और पर्यावरण के प्रति उत्साही दृष्टिकोण से सभी को प्रेरित किया है। इस तरह की पहल जलवायु परिवर्तन और प्लास्टिक प्रदूषण के संकट से निपटने में मदद कर सकती हैं। इस यात्रा को इंस्टाग्राम पर '@arrobaquintal' नाम के खाते से साझा किया गया है, जो उनके प्रयासों की व्यापकता को और बढ़ाता है।

Kishan Gupta
किशन गुप्ताauthor

<p>देश की धार्मिक राजधानी काशी में जन्म लिया और घाटों पर खेल-कूदकर बड़ा हुआ। साल 2019 में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स डिग्री ली। यही से पत्रकारिता की शुरुआत भी हुई। इसी साल जुलाई में हैदराबाद स्थित रामोजी रॉव के स्वामित्व वाले ईटीवी भारत से करियर की शुरुआत हुई। बतौर ट्रेनी यहां एक साल से अधिक का समय बिताया। यह पहली दफा था, जब घर से दूर निकला था। लेकिन चस्का था तो काम करने, एक अच्छा पत्रकार बनने का। यहां रहकर चंद्रयान - 2 को कवर करने का मौका मिला। इसके बाद राजस्थान में शिक्षक भर्ती को लेकर उम्मीदवारों की ओर से हुए हिंसक विरोध को भी करीब से देखा। इस दौरान पथराव का भी सामना करना पड़ा। लेकिन काम करने का एक जुनून था। यह पहली दफा था, जब मैंने किसी बड़ी न्यूज को कवर किया था। इसके बाद ये सिलसिला चलता गया। कुछ समय ऐसा भी आया, जब होम पेज भी काम करने को मिला। करीब एक साल से अधिक समय बिताने के बाद ईटीवी भारत से अलविदा लिया और अपने गृह जिले में पहुंचा, जहां के एक लोकल चैनल टूडेज इंडिया न्यूज में काम करने का मौका मिला। यहां करीब डेढ़ साल से अधिक का समय बिता, जहां रहकर बनारस के साथ-साथ पूर्वांचल को भी कवर करने का मौका मिला। राजनीति और क्राइम की खबरों में खासा रूचि होने के कारण अक्सर फोकस भी इसी पर रहता था। इस दौरान कोविड के दंश को भी देखा। कोरोना काल का यह वो भयानक मंजर था, जिसकी किसी को आशंका न थी। इस दौरान खबरों के माध्यम से देश के दुख-दर्द को करीब से महसूस करने का मौका मिला। फिर मई 2022 में वनइंडिया ज्वाइन कर ली, यहां से फीचर राइटिंग की शुरुआत करते हुए मैंने ट्रैवेल पर काम करना शुरू किया। ऑफिस बैंगलोर था, तो वहां जाने के लिए काफी सोचना भी पड़ा लेकिन दिमाग में था कि बड़ा कुछ करना है तो देश की आर्थिक राजधानी के लिए निकल पड़ा। यहां काफी कम समय ही बिता, करीब 9 महीने तक काम करने के बाद यहां से अलविदा लिया। फिर समय आया देश के प्रतिष्ठित संस्थान टाइम्स नेटवर्क से जुड़ने का। मार्च 2023 में मैं Timesnowhindi.com के वायरल टीम से जुड़ा। इस बीच तमाम ट्रेंडिंग, वायरल और अजब-गजब जैसी कई खबरें की। बीट अलग होने के कारण थोड़ा चैलेंजिंग था लेकिन उस चैलेंज को पूरा करते हुए और चुनौतियों का सामना करते हुए आज एक साल से ऊपर का समय हो गया है।</p>

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