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Factory में कैसे बनती है 5-10 रुपये वाली ICE CREAM, तरीका देख खाना छोड़ देंगे आप

एक्स पर शेयर किए गए इस वीडियो में आप देख सकते हैं कि किस प्रकार से फैक्ट्री में 5-10 रुपये वाली आइसक्रीम बनाई जाती है, जिसे देखने के बाद शायद ही आप ये आइसक्रीम खाने की जिद करें।

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फैक्ट्री में कैसे बनती है 5-10 रुपये वाली आइसक्रीम (X)

KEY HIGHLIGHTS
  • फैक्ट्री में कैसे बनती है 5-10 रुपये वाली आइसक्रीम
  • देख माथा पीटने लगेंगे आप
  • जमकर वायरल हो रहा ये वीडियो

Ice Cream Making Process In Factory: कुछ चीजें ऐसी होती हैं, जिसे देख बचपन की यादें ताजा हो जाती है। इनमें से ही एक आइसक्रीम भी है, वो भी बार वाला। अरे भाई, जिस आइसक्रीम को हम सभी 2 रुपये में खरीदा करते थे- कभी ऑरेंज वाला तो कभी कोला वाला। उस समय 2 रुपये में ऑरेंज बार आसानी से मिल जाता है। लेकिन अब उसका दाम बढ़ गया है। अब ये 5-10 रुपये में मिलने लगी है।

खैर वो सब छोड़ते हैं.. क्या आप ये जानते हैं कि इस आइसक्रीम को बनाया कैसे जाता है। उम्मीद है कि आपमें से शायद ही किसी ने इसे बनाने का तरीका देखा होगा। तो चलिए, आज हम आपको दिखाएंगे कि कैसे 5-10 रुपये वाली इस आइसक्रीम को फैक्ट्री में बनाया जाता है। इसकी पूरी प्रक्रिया देखने के बाद यकीनन आप इसे खाने से पहले 100 बार सोचेंगे। यकीन न आए तो खुद देख लीजिए ये वीडियो..

फैक्ट्री में कैसे बनती है 5-10 रुपये वाली आइसक्रीम

एक्स पर शेयर किए गए इस वीडियो को '@Sheetal2242'नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है, जो डॉ. शीतल यादव नाम की एक महिला का है। इस वीडियो पर अब तक 2 लाख के करीब व्यूज भी चुके हैं, जिस पर लोगों के काफी कमेंट भी देखने को मिले। एक यूजर ने लिखा है कि भारतीय स्ट्रीट फूड और गंदे तरीके से खाने के रखरखाव का मजाक दुनिया भर मे बनता है, उसका ये जीता-जागता प्रमाण है।

Kishan Gupta
किशन गुप्ताauthor

<p>देश की धार्मिक राजधानी काशी में जन्म लिया और घाटों पर खेल-कूदकर बड़ा हुआ। साल 2019 में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स डिग्री ली। यही से पत्रकारिता की शुरुआत भी हुई। इसी साल जुलाई में हैदराबाद स्थित रामोजी रॉव के स्वामित्व वाले ईटीवी भारत से करियर की शुरुआत हुई। बतौर ट्रेनी यहां एक साल से अधिक का समय बिताया। यह पहली दफा था, जब घर से दूर निकला था। लेकिन चस्का था तो काम करने, एक अच्छा पत्रकार बनने का। यहां रहकर चंद्रयान - 2 को कवर करने का मौका मिला। इसके बाद राजस्थान में शिक्षक भर्ती को लेकर उम्मीदवारों की ओर से हुए हिंसक विरोध को भी करीब से देखा। इस दौरान पथराव का भी सामना करना पड़ा। लेकिन काम करने का एक जुनून था। यह पहली दफा था, जब मैंने किसी बड़ी न्यूज को कवर किया था। इसके बाद ये सिलसिला चलता गया। कुछ समय ऐसा भी आया, जब होम पेज भी काम करने को मिला। करीब एक साल से अधिक समय बिताने के बाद ईटीवी भारत से अलविदा लिया और अपने गृह जिले में पहुंचा, जहां के एक लोकल चैनल टूडेज इंडिया न्यूज में काम करने का मौका मिला। यहां करीब डेढ़ साल से अधिक का समय बिता, जहां रहकर बनारस के साथ-साथ पूर्वांचल को भी कवर करने का मौका मिला। राजनीति और क्राइम की खबरों में खासा रूचि होने के कारण अक्सर फोकस भी इसी पर रहता था। इस दौरान कोविड के दंश को भी देखा। कोरोना काल का यह वो भयानक मंजर था, जिसकी किसी को आशंका न थी। इस दौरान खबरों के माध्यम से देश के दुख-दर्द को करीब से महसूस करने का मौका मिला। फिर मई 2022 में वनइंडिया ज्वाइन कर ली, यहां से फीचर राइटिंग की शुरुआत करते हुए मैंने ट्रैवेल पर काम करना शुरू किया। ऑफिस बैंगलोर था, तो वहां जाने के लिए काफी सोचना भी पड़ा लेकिन दिमाग में था कि बड़ा कुछ करना है तो देश की आर्थिक राजधानी के लिए निकल पड़ा। यहां काफी कम समय ही बिता, करीब 9 महीने तक काम करने के बाद यहां से अलविदा लिया। फिर समय आया देश के प्रतिष्ठित संस्थान टाइम्स नेटवर्क से जुड़ने का। मार्च 2023 में मैं Timesnowhindi.com के वायरल टीम से जुड़ा। इस बीच तमाम ट्रेंडिंग, वायरल और अजब-गजब जैसी कई खबरें की। बीट अलग होने के कारण थोड़ा चैलेंजिंग था लेकिन उस चैलेंज को पूरा करते हुए और चुनौतियों का सामना करते हुए आज एक साल से ऊपर का समय हो गया है।</p>

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