Samarth by Hyundai: कला के जरिए समावेशन, बदलाव और सशक्तिकरण

Times Now Digital

Updated Feb 19, 2026, 15:54 IST

जाने-माने कोरियोग्राफर और Victory Arts Foundation के फाउंडर Shiamak Davar मानते हैं कि डांस सिर्फ एक कला नहीं, बल्कि समावेशन, आत्मविश्वास और बदलाव की ताकत है। पिछले दो दशकों से वह दिव्यांगजनों के साथ करीब से काम कर रहे हैं और नृत्य को अभिव्यक्ति, रिहैबिलिटेशन और सशक्तिकरण का माध्यम बना रहे हैं। उनका मानना है कि जब रचनात्मक और समावेशी माहौल मिलता है, तो कला हर सीमा को पार कर जाती है। डांस के जरिए न सिर्फ शारीरिक और भावनात्मक मजबूती लौटती है, बल्कि हर व्यक्ति की क्षमता को पहचानने और उसे सम्मान देने का मौका भी मिलता है। उनके प्रयास दिखाते हैं कि कला सच में जीवन बदल सकती है।This is a sponsored feature.