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भारत में सबसे पहले किसका बना था आधार कार्ड? क्या आप जानते हैं नाम

महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले के तेम्भली गांव की रहने वाली 54 वर्षीय रंजनाबाई सोनवणे को 2010 में पहला आधार कार्ड मिला। उन्हें प्रतीक के तौर पर चुना गया ताकि यह संदेश दिया जा सके कि यह योजना समाज के सबसे निचले तबके तक पहुंचेगी।

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Indias First Aadhaar Card (फाइल फोटो)

Who is India’s First Aadhaar Card Holder: भारत की आधार योजना 2010 में एक ऐतिहासिक कदम थी, जिसका लक्ष्य हर नागरिक को डिजिटल पहचान देना था। लेकिन क्या आप जानते हैं कि देश में सबसे पहला आधार कार्ड किसका बना था।

देश का पहली आधार कार्ड

महाराष्ट्र की रंजनाबाई सोनवणे देश की पहली आधार कार्ड धारक बनीं। महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले के तेम्भली गांव की रहने वाली 54 वर्षीय रंजनाबाई सोनवणे को 2010 में पहला आधार कार्ड मिला। उन्हें प्रतीक के तौर पर चुना गया ताकि यह संदेश दिया जा सके कि यह योजना समाज के सबसे निचले तबके तक पहुंचेगी। उस समय उनकी तस्वीर देशभर में दिखाई गई और वे आधार की ब्रांड एंबेसडर जैसी बन गईं।

पहली आधार धारक रंजनाबाई सोनवणे

महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले के तेम्भली गांव की रहने वाली 54 वर्षीय रंजनाबाई सोनवणे को 2010 में पहला आधार कार्ड मिला। उन्हें प्रतीक के तौर पर चुना गया ताकि यह संदेश दिया जा सके कि यह योजना समाज के सबसे निचले तबके तक पहुंचेगी। उस समय उनकी तस्वीर देशभर में दिखाई गई और वे आधार की ब्रांड एंबेसडर जैसी बन गईं।

आधार योजना की शुरुआत और मकसद

आधार योजना को 2010 में लॉन्च किया गया था ताकि हर नागरिक को एक यूनिक डिजिटल पहचान दी जा सके। इसका उद्देश्य था भ्रष्टाचार रोकना, सब्सिडी सही लोगों तक पहुंचाना और वित्तीय सेवाओं का विस्तार करना। इसे डिजिटल इंडिया की नींव कहा गया और यह योजना गरीबों व वंचितों तक सीधी मदद पहुंचाने के लिए शुरू की गई।

कैसे हुई आधार नामांकन की शुरुआत

तेम्भली गांव से ही आधार नामांकन प्रक्रिया शुरू हुई। यहां लोगों का फिंगरप्रिंट और आंख की स्कैनिंग के साथ बायोमेट्रिक डेटा लिया गया। रंजनाबाई का आधार नंबर सीधे सरकारी योजनाओं और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) से जोड़ा गया। इसी मिसाल के बाद पूरे देश में बड़े पैमाने पर आधार कार्ड बनाए गए।

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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