Power Consuming Appliances: आज के समय में लगभग हर घर में कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण इस्तेमाल होते हैं। ये उपकरण हमारी जिंदगी को आसान तो बनाते हैं, लेकिन बिजली का बिल भी तेजी से बढ़ा सकते हैं। कई बार लोग सोचते हैं कि केवल एसी ही ज्यादा बिजली खर्च करता है, जबकि घर में ऐसे कई उपकरण होते हैं जो लगातार बिजली की खपत बढ़ाते रहते हैं। अगर सही तरीके से इनका इस्तेमाल किया जाए, तो हर महीने बिजली बिल में अच्छी बचत की जा सकती है। आइए जानते हैं, घर के कौन-से उपकरण सबसे ज्यादा बिजली की खपर करते हैं-
एयर कंडीशनर
सबसे ज्यादा बिजली खर्च करने वाले उपकरणों में एयर कंडीशनर (AC) सबसे ऊपर माना जाता है। गर्मियों में कई घरों में AC लगातार 8 से 10 घंटे तक चलता है। 1.5 टन का सामान्य AC हर घंटे लगभग 1.5 से 2 यूनिट बिजली खर्च कर सकता है। अगर पुराना या कम स्टार रेटिंग वाला AC इस्तेमाल किया जाए, तो बिजली की खपत और ज्यादा बढ़ सकती है।
गीजर
वॉटर हीटर या गीजर भी बिजली की काफी खपत करता है। खासतौर पर सर्दियों में लोग गीजर को लंबे समय तक ऑन छोड़ देते हैं। एक सामान्य गीजर 2000 से 3000 वॉट तक बिजली खींच सकता है। अगर जरूरत के बाद गीजर बंद न किया जाए तो बिजली बिल तेजी से बढ़ सकता है।
रेफ्रिजरेटर
रेफ्रिजरेटर यानी फ्रिज भी ऐसा उपकरण है जो 24 घंटे चालू रहता है। हालांकि इसकी बिजली खपत AC जितनी नहीं होती, लेकिन लगातार चलने के कारण यह हर महीने अच्छा-खासा बिजली खर्च करता है। पुराने फ्रिज नए इन्वर्टर मॉडल की तुलना में ज्यादा बिजली इस्तेमाल करते हैं।
वॉशिंग मशीन
कपड़े धोने की मशीन और ड्रायर भी बिजली बिल बढ़ाने वाले उपकरणों में शामिल हैं। खासतौर पर अगर मशीन में गर्म पानी या ड्रायर मोड का ज्यादा इस्तेमाल किया जाए, तो बिजली की खपत काफी बढ़ जाती है। कई विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि कपड़ों को प्राकृतिक धूप में सुखाना ज्यादा किफायती विकल्प हो सकता है।
माइक्रोवेव
रसोई में इस्तेमाल होने वाले माइक्रोवेव, इंडक्शन कुकटॉप और इलेक्ट्रिक ओवन भी कम समय में ज्यादा बिजली खींचते हैं। हालांकि इनका इस्तेमाल सीमित समय के लिए होता है, लेकिन लगातार उपयोग करने पर बिल में बड़ा फर्क दिखाई दे सकता है।
इसके अलावा पानी की मोटर, बड़ा टीवी, डेस्कटॉप कंप्यूटर और लगातार चार्जिंग पर लगे उपकरण भी बिजली की खपत बढ़ाते हैं। कई लोग उपकरण बंद करने के बजाय उन्हें स्टैंडबाय मोड पर छोड़ देते हैं, जिससे धीरे-धीरे बिजली खर्च होती रहती है।
