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सरकार की बड़ी स्कीम, सभी मोबाइल यूजर्स को मिलेगा 239 रुपये का FREE रिचार्ज? जानें क्या है मामला

वॉट्सऐप पर एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है. इस मैसेज में दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार सभी मोबाइल फोन यूजर्स को 28 दिनों वाला 239 रुपये का फ्री रिचार्ज दे रही है.

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वॉट्सऐप मैसेज का दावा, सरकार कराएगी 1 महीने का रिचार्ज

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • फ्री मोबाइल रिचार्ज स्कीम के नाम से वायरल हो रहा मैसेज
  • केंद्र सरकार की तरफ से 239 रुपये के फ्री रिचार्ज का दावा
  • PIB Fact Check ने की वायरल मैसेज की जांच-पड़ताल

Free Mobile Recharge Scheme: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म वॉट्सऐप (WhatsApp) पर इन दिनों एक मैसेज काफी तेजी से सर्कुलेट हो रहा है। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के नाम से सर्कुलेट हो रहे इस मैसेज में एक सरकारी स्कीम के बारे में बताया जा रहा है। वायरल मैसेज के मुताबिक केंद्र सरकार की फ्री मोबाइल रिचार्ज स्कीम के तहत देश के सभी मोबाइल फोन यूजर्स को 28 दिनों का फ्री रिचार्ज दिया जा रहा है, जिसकी कीमत 239 रुपये है। इस मैसेज के साथ एक लिंक भी भेजा गया है, जिस पर क्लिक करके 239 रुपये के फ्री रिचार्ज का फायदा उठाने के लिए कहा जा रहा है।

सरकार की तरफ से नहीं मिली स्कीम की जानकारी

आमतौर पर सरकार द्वारा शुरू की जाने वाली स्कीम की सूचना सरकार खुद दे देती है। इसके अलावा देश का तमाम टीवी मीडिया, प्रिंट मीडिया और डिजिटल मीडिया भी सरकारी स्कीम के बारे में लोगों तक जरूरी जानकारी पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। हालांकि, केंद्र सरकार की इस Free Mobile Recharge Scheme के बारे में न तो सरकार ने कोई जानकारी दी और न ही किसी मीडिया ग्रुप ने इसे लेकर कोई खबर चलाई। ऐसे में, लोगों के बीच इस स्कीम को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। मामले की गंभीरता को लेकर PIB Fact Check ने भी इस स्कीम की जांच-पड़ताल शुरू कर दी।

PIB Fact Check की जांच में सामने आया सच

PIB Fact Check की जांच में मालूम चला कि वॉट्सऐप पर जिस स्कीम के बारे में मैसेज सर्कुलेट हो रहा है, वह मैसेज पूरी तरह से फर्जी है। PIB ने बताया कि ये स्कीम पूरी तरह से फर्जी है और भारत सरकार ने ऐसी किसी भी स्कीम का ऐलान नहीं किया, जिसमें मोबाइल फोन यूजर्स को 239 रुपये का फ्री रिचार्ज देने की बात कही गई है। इस बात का खास ध्यान रखें कि मोबाइल पर, सोशल मीडिया पर, ई-मेल पर आने वाली किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। ऐसा करने से आपके साथ साइबर फ्रॉड होने के चांसेज बढ़ सकते हैं।

Sunil Chaurasia
सुनील चौरसियाauthor

<p>मैं सुनील चौरसिया,. मऊ (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला हूं और अभी दिल्ली में रहता हूं। मैं टाइम्स नाउ नवभारत में बिजनेस, यूटिलिटी और पर्सनल फाइनेंस पर काम कर रहा हूं। टाइम्स नाउ से पहले मैं ज़ी बिजनेस, टीवी9 भारतवर्ष, न्यूज नेशन, राजस्थान पत्रिका में काम कर चुका हूं। मेरी हमेशा कोशिश रहती है कि मैं अपने रीडर्स तक उनके काम से जुड़ी जरूरी जानकारियां पहुंचा सकूं।</p>

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