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Deposits Rate: SBI जल्द कर सकता है डिपॉजिट की ब्याज दरों में कटौती, जानिए क्या है वजह

  • Edited by: Rohit Ojha
  • Updated Jun 13, 2024, 12:50 PM IST

Deposits Rate: देश के पब्लिक सेक्टर के प्रमुख बैंक ने यह भी कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही से ब्याज दर चक्र को आसान बनाना शुरू कर सकता है। दूसरी ओर, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर में कटौती की बाजार उम्मीदें, जो पहले अधिक थीं, अब कम हो गई हैं।

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Deposits Rate: SBI भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के चेयरमैन दिनेश कुमार खारा ने कहा है कि जमा पर ब्याज दरें अपने चरम पर हैं और मध्यम अवधि में इनके नीचे आने की उम्मीद है। देश के पब्लिक सेक्टर के प्रमुख बैंक ने यह भी कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही से ब्याज दर चक्र को आसान बनाना शुरू कर सकता है। पिछले सप्ताह भारतीय रिजर्व बैंक ने मजबूत आर्थिक वृद्धि के बीच महंगाई दर पर ध्यान केंद्रित करते हुए लगातार आठवीं बार अपनी प्रमुख नीतिगत दर रेपो को बरकरार रखा था।

रेपो रेट में कटौती की उम्मीद

खारा ने कहा कि हमें उम्मीद है कि अक्टूबर से शुरू होने वाली तीसरी तिमाही में शायद महंगाई दर के चार फीसदी की ओर बढ़ने की कुछ संभावना होगी, और वह सही समय होगा जब हम रिजर्व बैंक से नीतिगत दर में कुछ कटौती की उम्मीद कर सकते हैं। स्विट्जरलैंड, स्वीडन, कनाडा और यूरो क्षेत्र जैसी उन्नत अर्थव्यवस्थाओं के कुछ केंद्रीय बैंकों ने वर्ष 2024 के दौरान दरों को कम करने का चक्र शुरू कर दिया है।

चरम पर हैं ब्याज दरें

दूसरी ओर, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर में कटौती की बाजार उम्मीदें, जो पहले अधिक थीं, अब कम हो गई हैं। जहां तक बैंकिंग प्रणाली में ब्याज दर का सवाल है, खारा ने कहा कि कमोबेश ये पहले ही चरम पर हैं। उन्होंने कहा कि आगे जाकर, हमें कुछ मामूली बदलाव देखने को मिलेंगे। मुझे लगता है, अगर हम ब्याज दर के मध्यम अवधि के प्रक्षेपवक्र को देखें, तो शायद इसमें गिरावट का रुख होगा।

शॉर्ट टर्म डिपॉजिट

पिछले महीने एसबीआई ने चुनिंदा शॉर्ट टर्म मैच्योरिटी वाली एफडी पर ब्याज दरों में 0.75 प्रतिशत तक की वृद्धि की थी। खुदरा डिपॉजिट के तहत 46-179 दिन की जमा पर ब्याज दर को 0.75 प्रतिशत बढ़ाकर 5.50 प्रतिशत कर दिया गया है। पहले यह 4.75 प्रतिशत थी।

(इनपुट- भाषा)

Rohit Ojha
Rohit Ojhaauthor

<p>रोहित ओझा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉरस्पॉडेंट सितंबर 2023 से काम कर रहे हैं। यहां पर वो बिजेनस और यूटिलिटी की खबरों पर काम करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में पांच साल से अधिक का अनुभव। चुनावी खबरों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर फिलहाल स्टॉक मार्केट, इकोनॉमी और पर्सनल फाइनेंस की खबरों के साथ जारी है। डेस्क और फील्ड दोनों में ही काम करने का तजुर्बा। टाइम्स नाऊ नवभारत से पहले अलग-अलग मीडिया संस्थानों में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। अमर उजाला, टीवी9 हिंदी, इंडिया टीवी, आज तक जैसे मीडिया संस्थान में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। स्टॉक मार्केट और इकोनॉमी के साथ-साथ देश की सियासी घटनाओं पर लिखने का अनुभव है। 2019 के आम चुनाव से लेकर तमाम विधानसभा की चुनावी खबरों पर काम किया है। 2019 का क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल की खबरों पर भी काम किया है। किस्से-कहानियों में मन लगता है। शारदा यूनिवर्सिटी से मास-कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म किया है। गृह जनपद- बक्सर। साहित्य, सियासत और सिनेमा पर लिखना-पढ़ना खूब पसंद है।</p>

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