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घर खरीदते समय बिल्डर देते हैं ये झांसे,जान लें उनकी हकीकत,नहीं खाएंगे धोखा

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Apr 17, 2023, 01:02 PM IST

Real Estate Developers Gimmicks and Realty: बिल्डर जिस पार्किंग फ्री एरिया की बात करते हैं, वह वास्तव में पहले से ही फ्री होता है। और वह कॉमन एरिया होता है। RERA के नियमों के अनुसार पार्किंग स्पेस वह एरिया होता है, जिसमें तीन तरफ से दीवार, छत और एक शटर लगा हो।

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घर खरीदते समय रखें इनका ध्यान

Real Estate Developers Gimmicks and Realty:प्रॉपर्टी बाजार में ग्राहकों को लुभाने के लिए ऑफर्स का बाजार गरम है। बिल्डर ग्राहकों को कई ऐसे ऑफर की पेशकश करते हैं, जो पहली नजर में ही लुभा देते हैं। जिसमें मुफ्त में अप्लायंसेज से लेकर फ्री पार्किंग एरिया, EMI की नो टेंशन जैसे कई ऑफर्स की भरमार होती है। लेकिन इन ऑफर्स की क्या हकीकत है और उसके लेकर RERA कानून क्या कहता है। यह जानना बेहद जरुरी है। नहीं तो आप बिल्डर्स के झांसे में आकर बड़ा नुकसान करा सकते हैं..

1.मिलेगा फ्री पार्किंग एरिया

असल में बिल्डर जिस फ्री पार्किंग एरिया की बात करते हैं, वह वास्तव में पहले से ही फ्री होता है। और वह एक कॉमन एरिया होता है। ईटी के अनुसार RERA नियम में पार्किंग स्पेस वह एरिया होता है, जिसमें तीन तरफ से दीवार, छत और एक शटर लगा हो। आम तौर पर बिल्डर हाई राइज बिल्डिंग में ओपेन एरिया देते हैं। जो Low FAR में आता है। जिसका असर बाद में कम ओपेन एरिया के रुप में भी दिखता है।ऐसे में फ्री पार्किंग एरिया की बात आमतौर पर झांसा होती है।

2. फ्री में एसी, टीवी

इसके अलावा बिल्डर ग्राहकों को लुभाने के लिए क्लब हाउस फीस में छूट, स्टॉम्प ड्यूटी में छूट आदि का ऑफर देती हैं। इसके अलावा ग्राहकों को एसी, टीवी, फ्रिज फ्री में देने के ऑफर देते हैं। लेकिन हकीकत इससे अलग है। क्योंकि वह जब घर की कीमत तय करते हैं, तो इन चीजों की कीमत भी शामिल कर लेते हैं। और आपको फ्री में देने का लुभावना ऑफर देते हैं। इसके अलावा कई बार पजेशन के समय बिल्डर एसी,टीवी जैसे फ्री ऑफर से मुकर जाते हैं। और उसके बदले में कुछ अमाउंट देने की बात करते हैं। जो कि बेहद कम होता है।

3.कम डाउन पेमेंट में घर

बिल्डर ग्राहकों की कैश की कमी की मजबूरी को देखते हुए 5 फीसदी डाउन पेमेंट पर घर देने का भी ऑफर देते हैं। इसके तहत यह कहा जाता है कि आप केवल 5 फीसदी डाउन पेमेंट कर घर बुक कर सकते हैं और पजेशन के बाद ईएमआई शुरु होगी। लेकिन इसमें भी पेंच होता है। असल में इसके तहत एक तय अवधि में बिल्डर को पजेशन देना होता है। ऐसे में इस तरह का ऑफर लेने से पहले इस बात की जांच कर लेनी चाहिए कि अगर प्रोजेक्ट लेट होता है तो उस वक्त क्या ईएमआई पर राहत रहेगी या फिर पजेशन से पहले ही ईएमआई देनी पड़ेगी।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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