यूटिलिटी

दिव्यांगजनों के लिए खुशखबरी! अब UDID कार्ड दिखाकर मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के अनारक्षित कोच में कर सकेंगे सफर

Railway Update: भारतीय रेलवे ने दिव्यांग यात्रियों के सफर को अधिक सुगम और सरल बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण नियम की जानकारी साझा की है।

Image

Railway concessions for UDID holders (Photo: X handle)

Railway Update: भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने दिव्यांगजनों की यात्रा को आसान और सुविधाजनक बनाने के लिए एक अहम फैसला लिया है। नए नियमों के तहत अब जिन लोगों के पास वैलिड ‘यूनीक डिसेबिलिटी आईडी’ (UDID) कार्ड होगा वे मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में दिव्यांगजनों के लिए बने खास अनारक्षित कोचों (Unreserved coaches) में यात्रा कर सकते हैं।

वैलिड टिकट होना जरूरी शर्त

भारतीय रेलवे के अनुसार, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (Department of Empowerment of Persons with Disabilities) की ओर से जारी किए गए UDID कार्ड रखने वाले यात्री और वे लोग जिन्हें रेलवे की ओर से किराए में छूट (रियायत) मिलती है, इन विशेष कोचों में सफर करने के लिए पात्र माने जाएंगे। लेकिन इसके लिए उनके पास वैलिड टिकट होना जरूरी है।

Railway concessions for UDID holders

Railway concessions for UDID holders (AI Generated Image)

इन कोचों को खास तौर पर दिव्यांग यात्रियों के लिए तैयार किया गया है। इन्हें SLRD (सेकंड क्लास लगेज-कम-ब्रेक वैन विद कम्पार्टमेंट फॉर दिव्यांगजन) और LSLRD कोच कहा जाता है। इन कोचों में सीटिंग और अन्य सुविधाएं इस तरह बनाई जाती हैं, ताकि दिव्यांग यात्रियों को ट्रेन से सफर के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।

अनाधिकृत यात्रियों पर होगी सख्त कार्रवाई

रेलवे की ओर से यह भी साफ किया है कि अगर कोई व्यक्ति बिना अधिकार के इन कोचों में यात्रा करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ रेल अधिनियम, 1989 के तहत कार्रवाई की जाएगी। रेलवे की ओर से सुनिश्चित किया गया है कि इन सुविधाओं का फायदा केवल जरूरतमंद लोगों को ही मिले और उन्हें भीड़ या असुविधा का सामना न करना पड़े।

रेल मंत्रालय की ओर से दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सभी रेलवे मंडलों को निर्देश दिए गए हैं कि इन नियमों को सही तरीके से लागू किया जाए। इससे यह सुनिश्चित होगा कि हर दिव्यांग यात्री को बिना किसी परेशानी के यात्रा करने का मौका मिले।

‘दिव्यांगजन कार्ड’ क्या होता है

‘दिव्यांगजन कार्ड’, जिसे EPICS भी कहा जाता है भी एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। यह कार्ड रेलवे की ओर से जारी किया जाता है और इसके जरिए दिव्यांग यात्रियों को किराए में छूट मिलती है। यह कार्ड वैध दिव्यांगता प्रमाण पत्र के आधार पर बनाया जाता है, जिसमें कई मामलों में UDID कार्ड भी मान्य होता है।

अगर कोई नया कार्ड बनवाना चाहता है या पुराने कार्ड को रिन्यू करना चाहता है, तो वह भारतीय रेलवे के दिव्यांगजन पोर्टल या केंद्र सरकार के सेवा पोर्टल के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकता है।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

और पढ़ें
End of Article