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PUC certificates New Rule: अब वाहनों के PUC सर्टिफिकेट के लिए बनाना होगा वीडियो, सरकार लेकर आई नया नियम

PUC certificates New Rule: कई शिकायतों के बाद यह फैसला लिया गया है। अधिकारियों ने खुलासा किया कि ये शिकायतें सभी राज्यों में बड़े पैमाने पर थीं। इसके कारण केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) को वीडियो का डॉक्यूमेंटेशन अनिवार्य कर दिया है। जान लीजिए सरकार ने क्या नया नियम बनाया है।

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PUC certificates

PUC certificates New Rule: आपके वाहन के लिए पॉल्यूशन अंडर चेक (PUC) सर्टिफिकेट प्राप्त करना कठिन हो जाएगा। क्योंकि सरकार ने प्रदूषण सर्टिफिकेशन प्रक्रिया के दौरान एक अतिरिक्त स्टेप शुरू किया है। फर्जी पीयूसी सर्टिफिकेट के बढ़ते मामले को देखते हुए पीयूसी केंद्रों को अब वाहनों के पॉल्यूशन लेवल की जांच करते समय एक संक्षिप्त वीडियो रिकॉर्ड करना आवश्यक है। TOI की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि रिकॉर्ड की गई क्लिप को केंद्र सरकार के VAHAN पोर्टल पर अपलोड करना होगा।

क्यों लिया गया यह फैसला

कई शिकायतों के बाद यह फैसला लिया गया है। अधिकारियों ने खुलासा किया कि ये शिकायतें सभी राज्यों में बड़े पैमाने पर थीं। इसके कारण केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) को वीडियो का डॉक्यूमेंटेशन अनिवार्य कर दिया है। नेशनल सूचना केंद्र ने VAHAN पोर्टल, MoRTH द्वारा प्रदान की जाने वाली ई-सेवाओं के लिए राष्ट्रीय रजिस्टर में जरूरी बदलाव किए हैं। दिल्ली इस उन्नत सिस्टम को पूरी तरह से अपनाने वाला पहला राज्य बन गया है।

एक अधिकारी ने कहा कि राजधानी के सभी पीयूसी केंद्रों ने दोपहिया वाहनों, कारों और पैसेंजर और कमर्शियल वाहनों के लिए प्रदूषण के स्तर का आकलन करते हुए 10-सेकंड की वीडियो क्लिप रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया है। साथ ही इन वीडियो को पोर्टल पर अपलोड किया गया है।

पीयूसी सर्टिफिकेट है जरूरी

केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989 के अनुसार, प्रत्येक वाहन के पास पंजीकरण तिथि से प्रारंभिक एक वर्ष की अवधि के बाद वैध पीयूसी प्रमाणपत्र होना चाहिए। चार पहिया बीएस-IV अनुपालन वाले वाहनों के लिए प्रमाणपत्र एक वर्ष के लिए वैध है, जबकि अन्य के लिए, यह तीन महीने के लिए वैध है।

अब तक दिल्ली में 97 लाख से अधिक रजिस्टर्ड वाहन हैं, जिनमें 27.8 लाख कारें और 69.8 लाख दोपहिया वाहन हैं। परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, चौंकाने वाली बात यह है कि लगभग 22 लाख वाहनों का पीयूसी प्रमाणपत्र नहीं हैं, जिनमें से 85 फीसदी से अधिक दोपहिया वाहन हैं।

TNN Business Desk
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