PPF vs Bank FD: अपने भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित करने के लिए लोग अलग-अलग स्कीम्स में निवेश करते हैं। सभी की कोशिश होती है कि रिटायरमेंट के बाद उन्हें वित्तीय रूप से किसी के ऊपर निर्भर नहीं रहना पड़े। भविष्य के लिए पैसे जमा करने के कई तरीके हैं। इनमें से एक है पब्लिक प्रोविडेंड फंड (PPF)। यह एक लॉन्ग टर्म निवेश स्कीम है। इसमें आप निवेश कर अपने भविष्य के लिए मोटा फंड जमा कर सकते हैं। इस स्कीम के कई बेनिफिट्स भी हैं।
पीपीएफ से जुड़ी बड़ी बातें
पीपीएफ स्कीम में लॉन्ग टर्म के लिए निवेश फायदे का सौदा साबित होता है। इस स्कीम में निवेश की राशि पर सात फीसदी से अधिक का ब्याज मिलता है। साथ ही आपको टैक्स बेनिफिट्स भी मिलते हैं। पीपीएफ में एक व्यक्ति सिर्फ एक बार ही खाता खुलवा सकता है। इसमें 100 रुपये से निवेश की शुरुआत कर सकते हैं। खाता खुलवाने के बाद आपको हर साल मिनिमम 500 रुपये इसमें जमा करना होगा। यह स्कीम 15 साल में मैच्योर होती है। हालांकि, इसे पांच-पांच साल के लिए दो बार आगे बढ़ाया जा सकता है।
बैंक FD से कैसे बेहतर
यह स्कीम FD से बेहतर इसलिए साबित होती है, क्योंकि इसमें मिलने वाले रिटर्न पर किसी भी तरह का टैक्स नहीं लगता है। वहीं, FD से मिलने वाला रिटर्न टैक्स के दायरे में आता। इसके अलावा यह स्कीम कई लॉन्ग टर्म की बैंक FD से अधिक सालाना ब्याज ऑफर करती है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया पांच से 10 साल की FD पर सामान्य नागरिकों को 6.50 फीसदी से लेकर 6.66 फीसदी तक का ब्याज ऑफर कर रहा है। वहीं, पीपीएफ में 15 साल के लिए निवेश पर 7.1 फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है।
मिलते हैं ये बेनिफिट्स
पीपीएफ में निवेश की राशि पर सरकार 7.1 फीसदी की दर से सालाना ब्याज दे रही है। इस स्कीम में निवेश से मिलने वाले रिटर्न पर टैक्स नहीं लगता है और कंपाउंट इंटरेस्ट का बेनेफिट भी मिलता है। साथ ही आप इनकम टैक्स की धारा 80C के तहत छूट भी पा सकते हैं। पीपीएफ में एक साल में अधिकतम 1.5 लाख रुपये का इन्वेस्टमेंट किया जा सकता है। आप इस स्कीम में जमा रकम के आधार पर लोन भी ले सकते हैं। इसके अलावा पीपीएफ में प्री-मैच्योरिटी निकासी की सुविधा भी है।
