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Post Office Scheme New Rule: अक्टूबर से बदल जाएंगे पोस्ट की इन स्कीम्स के नियम, जानें- आप पर क्या पड़ेगा असर

  • Edited by: Rohit Ojha
  • Updated Aug 25, 2024, 12:36 PM IST

Post Office Scheme New Rule: वित्त मंत्रालय ने स्मॉल सेविंग स्कीम्स को लेकर गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत 6 नए नियम पेश किए गए हैं, जो नेशनल सेविंग स्कीम, पब्लिक प्रोविडेंट फंड और सुकन्या समृद्धि खाते के लिए हैं। वित्त मंत्रालय के पास स्मॉल सेविंग स्कीम्स को रेगुलेट करने का अधिकार है।

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पोस्ट ऑफिस की इन स्कीम्स के नियमों में होने वाला है बदलाव

Photo : iStock

Post Office Scheme New Rule: वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग ने पोस्ट ऑफिस के जरिए स्मॉल सेविंग स्कीम्स के तहत अनियमित रूप से खोले गए खातों को नियमित करने के लिए नियम जारी किए हैं। वित्त मंत्रालय के पास स्मॉल सेविंग स्कीम्स को रेगुलेट करने का अधिकार है। वित्त मंत्रालय ने स्मॉल सेविंग स्कीम्स को लेकर गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत 6 नए नियम पेश किए गए हैं, जो नेशनल सेविंग स्कीम, पब्लिक प्रोविडेंट फंड और सुकन्या समृद्धि खाते के लिए हैं।

नियमों को इन छह कैटेगरी में बांटा गया है

अनियमित नेशनल सेविंग स्‍कीम (NSS) अकाउंट

नाबालिग के नाम पर पब्लिक प्रोव‍िडेंड फंड (PPF) अकाउंट

मल्‍टीपल पीपीएफ अकाउंट ओपन होने पर

NRI द्वारा खोले गए पीपीएफ अकाउंट

अभिभावक की जगह दादा-दादी द्वारा खोले गए सुकन्‍या समृद्धि अकाउंट

1. अनियमित नेशनल सेविंग स्‍कीम (NSS) अकाउंट, इसे तीन कैटेगरी में बांटा गया है।

पहला- डीजी के आदेश (2 अप्रैल 1990) से पहले खोले गए दो एनएसएस-87 खातों के तहत नियम। पहले खोले गए अकाउंट पर प्रचलित योजना दर लागू होगी, जबकि दूसरे खाते पर बकाया राशि पर 200 बेसिस प्वाइंट (BPS) की दर के साथ प्रचलित पीओएसए दर लागू होगी। इन दोनों अकाउंट में जमा राशि वार्षिक लिमिट से अधिक नहीं होनी चाहिए। अगर अतिरिक्त जमा किया जाता है, तो उसे बिना ब्याज के वापस कर दिया जाएगा। एक अक्टूबर 2024 से दोनों खातों पर जीरो फीसदी ब्याज मिलेगा।

दूसरा- डीजी के आदेश (2 अप्रैल 1990) के बाद खोले गए दो एनएसएस-87 खातों के तहत नियम। पहले खोले गए खाते पर प्रचलित योजना का लाभ मिलेगा। दूसरे खाते के तहत प्रचलित पीओएसए दर लागू होगी। 1 अक्टूबर 2024 से दोनों खातों पर शून्य प्रतिशत ब्याज दर मिलेगी।

तीसरा- दो से अधिक एनएसएस-87 खातों के मामले में, डीजी के आदेश से पहले/बाद में खोले गए दो खातों के लिए बताए गए सिद्धांत लागू होंगे। तीसरा खाता जो अधिक अनियमित है, उसके लिए कोई ब्याज नहीं दिया जाएगा और बेसिक अमाउंट निवेशक को वापस कर दी जाएगी।

2. नाबालिग के नाम पर खोला गया पीपीएफ अकाउंट

ऐसे अनियमित खातों के लिए POSA ब्याज तब तक दिया जाएगा जब तक कि व्यक्ति (नाबालिग) खाता खोलने के योग्य नहीं हो जाता। यानी व्यक्ति की उम्र 18 साल नहीं हो जाती, उसके बाद लागू ब्याज दर का भुगतान किया जाएगा। मैच्योरिटी अवधि का कैलकुलेशन उस तारीख से की जाएगी जिस दिन नाबालिग वयस्क हो जाता है। यानी जिस तारीख को व्यक्ति खाता खोलने के योग्य हो जाता है।

3. एक से अधिक पीपीएफ अकाउंट

प्राइमरी अकाउंट पर योजना दर से ब्याज मिलेगा बशर्ते जमा राशि प्रत्येक वर्ष के लिए लागू सीमा के भीतर हो। दूसरे खाते की शेष राशि को पहले खाते में मिला दिया जाएगा बशर्ते प्राइमरी अकाउंट प्रत्येक वर्ष अनुमानित निवेश लिमिट के भीतर रहे। मर्ज के बाद प्राइमरी अकाउंट मौजूदा योजना दर या ब्याज मिलता रहेगा। दूसरे खाते में अतिरिक्त शेष राशि हो तो शून्य प्रतिशत ब्याज दर के साथ वापस कर दी जाएगी।

4. एनआरआई द्वारा पीपीएफ का एक्सटेंशन

केवल उन एक्टिव एनआरआई पीपीएफ खातों के लिए जो 1968 के तहत खोले गए हैं, जहां फॉर्म एच में खाताधारक की आवासीय स्थिति के बारे में विशेष रूप से नहीं पूछा जाता है। ये खाते 1 अक्टूबर से शून्य ब्याज दर के अधीन होंगे।

5. नाबालिग के नाम पर खोला गया स्मॉल सेविंग अकाउंट (पीपीएफ और एसएसवाई को छोड़कर)

ऐसे अनियमित खातों को साधारण ब्याज से नियमित किया जा सकता है। खाते पर साधारण ब्याज की गणना के लिए ब्याज दर प्रचलित POSA दर होनी चाहिए।

6. अभिभावक के अलावा दादा-दादी द्वारा खोले गए SSY

दादा-दादी के नाम पर खोले गए खातों के मामले में सुरक्षा लागू कानून के तहत हकदार व्यक्ति को खाते ट्रांसफर किए जाएंगे। इसका मतलब यह है कि एक अक्टूबर से ऐसे अभिभावक के मामले में खाता जीवित माता-पिता या कानूनी अभिभावक को ट्रांसफर कर दिया जाएगा। अगर सुकन्या समृद्धि अकाउंट 2019 के पैरा 3 का उल्लंघन करते हुए किसी परिवार में दो से अधिक खाते खोले जाते हैं, तो योजना की दिशा-निर्देशों का उल्लंघन के चलते अनियमित खाते बंद कर दिए जाएंगे।

Rohit Ojha
Rohit Ojhaauthor

<p>रोहित ओझा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉरस्पॉडेंट सितंबर 2023 से काम कर रहे हैं। यहां पर वो बिजेनस और यूटिलिटी की खबरों पर काम करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में पांच साल से अधिक का अनुभव। चुनावी खबरों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर फिलहाल स्टॉक मार्केट, इकोनॉमी और पर्सनल फाइनेंस की खबरों के साथ जारी है। डेस्क और फील्ड दोनों में ही काम करने का तजुर्बा। टाइम्स नाऊ नवभारत से पहले अलग-अलग मीडिया संस्थानों में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। अमर उजाला, टीवी9 हिंदी, इंडिया टीवी, आज तक जैसे मीडिया संस्थान में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। स्टॉक मार्केट और इकोनॉमी के साथ-साथ देश की सियासी घटनाओं पर लिखने का अनुभव है। 2019 के आम चुनाव से लेकर तमाम विधानसभा की चुनावी खबरों पर काम किया है। 2019 का क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल की खबरों पर भी काम किया है। किस्से-कहानियों में मन लगता है। शारदा यूनिवर्सिटी से मास-कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म किया है। गृह जनपद- बक्सर। साहित्य, सियासत और सिनेमा पर लिखना-पढ़ना खूब पसंद है।</p>

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