Old Pension Scheme: हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने हाल ही में पुरानी पेंशन स्कीम (Old Pension Scheme) को बहाल करने का फैसला लिया है। राज्य सरकार के लाखों कर्मचारियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से इसकी अधिसूचना सोमवार को जारी कर दी गई। सरकार की ओर से यह नोटिफिकेशन मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना (Chief Secretary Prabodh Saxena) ने जारी किया। राज्य सरकार के इस फैसले को देखते हुए अब ये कहा जा सकता है कि हिमाचल के सरकारी कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना का लाभ इसी महीने से उठा सकेंगे। गौरतलब है कि विगत 13 जनवरी को सुक्खू सरकार के मंत्रिमंडल की बैठक में इस संबंध में फैसला लिया गया था, जिसके बाद अब सरकारी अधिसूचना जारी कर दी गई है।
राज्य सरकार के बहुत से कर्मचारी होंगे लाभान्वित
चीफ सेक्रेटरी प्रबोध सक्सेना ने जानकारी देते हुए बताया है कि राज्य सरकार ने एक अप्रैल, 2023 से पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करने का निर्णय लिया है। बकौल चीफ सेक्रेटरी सरकार के इस फैसले से राज्य के कुल 1.36 लाख कर्मचारी लाभान्वित होंगे, जिनकी गिनती अब राष्ट्रीय पेंशन योजना (National Pension Scheme) के अंतर्गत नहीं की जाएगी।
कांग्रेस ने पूरा किया वादा
हिमाचल प्रदेश में पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव (Himachal Pradesh Assembly Election) में कांग्रेस ने पुरानी पेंशन स्कीम (OPS) की बहाली का वादा किया था, जो कि उनके (कांग्रेस) घोषणा पत्र में किए गए वादों में प्रमुख मुद्दा था। इस वर्ष सत्ता में आने के बाद सुक्खू सरकार ने ओपीएस को बहाल करके अपने वादे पर अमल किया है।
इस फैसले में कौन कौन से बदलाव होंगे
OPS के संबंध में जारी अधिसूचना में बताया गया है कि राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) के तहत आने वाले सभी कर्मचारियों के शेयर पर एक अप्रैल, 2023 से रोक लगा दी जाएगी। बता दें कि, इससे पहले 10% अंश राज्य सरकार के कर्मचारी और 14% सरकार की तरफ से दिया जाता था। सीसीएस पेंशन नियम, 1972 के तहत OPS बहाल करने का जो नोटिफिकेशन जारी किया गया है उससे रिटायर हो चुके कर्मचारी भी लाभान्वित होंगे।
पुरानी पेंशन स्कीम पर कब लगी थी रोक
वर्ष 2004 में जब एनडीए सरकार सत्ता में आई तब पुरानी पेंशन योजना को बंद कर दिया गया था। उस समय तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) को लागू किया था। खास बात ये है कि जिन कर्मचारियों ने 2004 के बाद से सेवाएं देना शुरू किया था, उन्हें राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) के तहत ही लाभ मिलता है।
