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Mutual Fund investment: म्यूचुअल फंड में क्या होता है मिड कैप, स्मॉल कैप और लार्ज कैप, कहां मिलता है सबसे अधिक रिटर्न

  • Edited by: Rohit Ojha
  • Updated Jul 8, 2024, 03:04 PM IST

Mutual Fund investment: इन दिनों लोग म्यूचुअल फंड सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP)का इस्तेमाल भी रिटायरमेंट फंड के लिए कर रहे हैं। पिछले कुछ साल में SIP निवेश के लिए एक बेहतरीन प्लान बनकर उभरा है। म्यूचुअल फंड में निवेश के समय अपने वित्तीय लक्ष्य के साथ इन सभी फैक्टर्स पर गौर करना चाहिए।

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SIP-Mutual Funds

Photo : iStock

Mutual Fund investment: नौकरीपेशा लोग नौकरी के दौरान ही अपनी रिटायरमेंट की प्लानिंग करना शुरू कर देते हैं। अपने भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित करने के लिए लोग अलग-अलग स्कीम में निवेश करते हैं। इन दिनों लोग म्यूचुअल फंड सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP)का इस्तेमाल भी रिटायरमेंट फंड के लिए कर रहे हैं। पिछले कुछ साल में SIP निवेश के लिए एक बेहतरीन प्लान बनकर उभरा है। म्यूचुअल फंड में निवेश कर आप लॉन्ग टर्म में अपने लिए मोटा फंड जमा कर सकते हैं। लेकिन कई लोगों के दिमाग सवाल घूमते हैं कि लार्ज, मिड और स्मॉल-कैप फंड के बीच कैसे सही फंड का चुनाव किया जाए।

निवेश के लिए म्यूचुअल फंड कैसे चुनें

लार्ज, मिड और स्मॉल-कैप फंड के बीच चयन व्यक्तिगत जोखिम सहनशीलता, निवेश लक्ष्यों और डेडलाइन पर निर्भर करता है। लार्ज-कैप फंड स्थिरता प्रदान करते हैं, मिड-कैप फंड रिस्क बैलेंस और ग्रेथ की क्षमता प्रदान करते हैं, जबकि स्मॉल-कैप फंड हाई रिस्क के साथ जोरदार रिटर्न प्रदान करते हैं। निवेशकों को अपने म्यूचुअल फंड में निवेश के समय अपने वित्तीय लक्ष्य के साथ इन सभी फैक्टर्स पर गौर करना चाहिए।

लार्ज-कैप म्यूचुअल फंड क्या है

लार्ज-कैप फंड स्थिरता और कम जोखिम को प्राथमिकता देते हैं। यह पारंपरिक निवेशकों को पसंद माने जाते हैं। ये फंड अच्छी तरह से स्थापित कंपनियों में निवेश करते हैं जिनका मार्केट कैपिटलाइजेशन आमतौर पर 20,000 करोड़ रुपये से अधिक होता है। जैसे कि रिलायंस, एसबीआई और आईटीसी। ये कंपनियां अपने इंडस्ट्री में लीडर हैं और इनकी बाजार में मजबूत उपस्थिति है।

मिड-कैप फंड क्या है

मिड-कैप फंड ग्रोथ और रिस्क के बीच बैलेंस बनाते हैं। ये 5,000 करोड़ रुपये से लेकर 20,000 करोड़ रुपये तक के मार्केट कैप वाली कंपनियों में निवेश करते हैं, जो आम तौर पर साइज में 101वें से 250वें स्थान पर होती हैं। जैसे गोदरेज इंडस्ट्रीज और वोल्टास। मिड-कैप कंपनियां लार्ज-कैप की तुलना में अधिक रिटर्न की संभावना प्रदान करती हैं, लेकिन उनके छोटे आकार और ग्रोथ स्टेज के कारण अधिक रिस्क होता है।

स्मॉल-कैप फंड क्या है

स्मॉल-कैप फंड 5,000 करोड़ रुपये से कम मार्केट कैप वाली कंपनियों को टार्गेट करते हैं। ये टॉप 250 कंपनियों से आगे रैंक की जाती हैं। ये फंड अपनी तेजी और ग्रोथ संभावनाओं से प्रेरित होकर महत्वपूर्ण रिटर्न देने की अपनी क्षमता के लिए जाने जाते हैं। हालांकि, वे अपने छोटे आकार और बाजार में उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशीलता के कारण तीनों कैटेगरी में सबसे अधिक जोखिम के साथ आते हैं।

Rohit Ojha
Rohit Ojhaauthor

<p>रोहित ओझा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉरस्पॉडेंट सितंबर 2023 से काम कर रहे हैं। यहां पर वो बिजेनस और यूटिलिटी की खबरों पर काम करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में पांच साल से अधिक का अनुभव। चुनावी खबरों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर फिलहाल स्टॉक मार्केट, इकोनॉमी और पर्सनल फाइनेंस की खबरों के साथ जारी है। डेस्क और फील्ड दोनों में ही काम करने का तजुर्बा। टाइम्स नाऊ नवभारत से पहले अलग-अलग मीडिया संस्थानों में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। अमर उजाला, टीवी9 हिंदी, इंडिया टीवी, आज तक जैसे मीडिया संस्थान में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। स्टॉक मार्केट और इकोनॉमी के साथ-साथ देश की सियासी घटनाओं पर लिखने का अनुभव है। 2019 के आम चुनाव से लेकर तमाम विधानसभा की चुनावी खबरों पर काम किया है। 2019 का क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल की खबरों पर भी काम किया है। किस्से-कहानियों में मन लगता है। शारदा यूनिवर्सिटी से मास-कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म किया है। गृह जनपद- बक्सर। साहित्य, सियासत और सिनेमा पर लिखना-पढ़ना खूब पसंद है।</p>

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