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SBI में धूल खा रहे लाडली योजना के 364 करोड़ रुपये, 182894 लड़कियों के खाते में जमा होने हैं 1-1 लाख रुपये

Delhi Ladli Scheme: आरटीआई से मिली जानकारी की मानें तो दिल्ली लाडली योजना के तहत 21 साल से ज्यादा उम्र की 182894 लड़कियों को मिलने वाली 1-1 लाख रुपये की भारतीय स्टेट बैंक के पास जमा है। याचिकाकर्ता ने दिल्ली हाई कोर्ट से अपील की है कि योजना के तहत लड़कियों को सही तरीके से पैसे दिए जाएं।

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दिल्ली की शीला दीक्षित सरकार ने 1 जनवरी 2008 को ‘दिल्ली लाडली योजना’ शुरू की थी

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KEY HIGHLIGHTS
  • शीला दीक्षित ने साल 2008 में शुरू की थी लाडली योजना
  • SBI के पास रखे हैं 182894 लड़कियों के 364 करोड़ रुपये
  • दिल्ली हाई कोर्ट ने योजना को लेकर सरकार से मांगा जवाब

Delhi Ladli Scheme: दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को लाडली योजना के उचित कार्यान्वयन के अनुरोध वाली याचिका पर दिल्ली सरकार का पक्ष मांगा है। दिल्ली सरकार इस योजना का उद्देश्य लड़कियों की शिक्षा और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करके उनकी सामाजिक स्थिति को मजबूत करना है। मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने दिल्ली सरकार के वकील से उस जनहित याचिका पर निर्देश लेने के लिए कहा, जिसमें दावा किया गया है कि योजना के तहत उपलब्ध 364 करोड़ रुपये की धनराशि का कोई उपयोग नहीं किया गया है।

SBI के पास पड़े हैं 1,82,894 लाभार्थियों के 364 करोड़ रुपये

याचिकाकर्ता आकाश गोयल ने अपनी याचिका में कहा कि आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार, लाडली योजना की 21 साल से ज्यादा उम्र की 1,82,894 लाभार्थियों के 364 करोड़ रुपये से ज्यादा पैसे भारतीय स्टेट बैंक के पास पड़े हैं और ये राशि सही तरीके से वितरित की जानी चाहिए।

दिल्ली की शीला दीक्षित सरकार ने शुरू की थी लाडली योजना

वकील विभोर गर्ग और केशव तिवारी के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया कि दिल्ली की शीला दीक्षित सरकार ने 1 जनवरी 2008 को ‘दिल्ली लाडली योजना’ शुरू की थी, जिसके तहत लाभार्थी की उम्र 18 साल होने पर उसके खाते में 1 लाख रुपये सरकार द्वारा जमा कराए जाते हैं। याचिका में दावा किया गया कि योजना के तहत उपलब्ध धनराशि का सही तरीके से वितरण नहीं किया जा रहा है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई अगस्त के लिए सूचीबद्ध की।

भाषा इनपुट्स के साथ

Sunil Chaurasia
सुनील चौरसियाauthor

<p>मैं सुनील चौरसिया,. मऊ (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला हूं और अभी दिल्ली में रहता हूं। मैं टाइम्स नाउ नवभारत में बिजनेस, यूटिलिटी और पर्सनल फाइनेंस पर काम कर रहा हूं। टाइम्स नाउ से पहले मैं ज़ी बिजनेस, टीवी9 भारतवर्ष, न्यूज नेशन, राजस्थान पत्रिका में काम कर चुका हूं। मेरी हमेशा कोशिश रहती है कि मैं अपने रीडर्स तक उनके काम से जुड़ी जरूरी जानकारियां पहुंचा सकूं।</p>

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