Fixed Deposit: फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) योजनाओं पर फिलहाल देश के जाने-माने बैंकों द्वारा 8% सालाना जितना आकर्षक ब्याज दिया जा रहा है। पैसों को सुरक्षित रखकर इंटरेस्ट कमाने के नजरिये से FD योजनाएं पारंपरिक इन्वेस्टमेंट टूल के रूप में पसंद की जाती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर आप अपनी पत्नी के नाम से FD करवाते हैं तो आपको एक फायदा ऐसा होता है जो आपकी इन्वेस्टमेंट को और बेहतर बना सकता है? आज हम आपको इन्हीं कुछ बेनेफिट्स के बारे में बताने जा रहे हैं। अगर आप आने वाले समय में FD करवाने के बारे में विचार कर रहे हैं तो यह खबर आपके लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है।
FD पर कटता है TDS
FD योजनाओं में इन्वेस्ट किये गए पैसे पर प्राप्त होने वाले ब्याज पर TDS की कटौती की जाती है। दरअसल FD पर प्राप्त हुआ ब्याज आपकी कुल कमाई के साथ जुड़ जाता है और इसीलिए नियमों के तहत इस कमाई पर TDS की कटौती की जाती है। नियमों के अनुसार अगर आप FD योजना से 40,000 रुपये से अधिक का ब्याज कमा रहे हैं तो इस पर 10% सालाना की दर से TDS का भुगतान करना होगा।
पत्नी के नाम से FD
दूसरी तरफ अगर आप पत्नी के नाम से FD करवाते हैं तो आपको कमाए गए ब्याज पर TDS का भुगतान नहीं करना पड़ता है। इस तरह अगर आप अपनी पत्नी के नाम से FD करवाते हैं तो आप इन्वेस्टमेंट से हो रही कमाई को भी बचा सकते हैं। वैसे तो TDS बचाने के कई तरीके हैं, लेकिन यह सबसे आसान और कारगर तरीका है। इतना ही नहीं, अगर आप अपनी पत्नी के साथ मिलकर जॉइंट FD करवाते हैं तो भी आप टैक्स कटौती से बच सकते हैं। ध्यान रहे अगर कोई महिला हाउसमेकर है तो उन्हें किसी प्रकार का टैक्स नहीं देना होता है। वहीं, अगर महिला लोअर टैक्स स्लैब में आती हैं तो भी उन्हें कम टैक्स का भुगतान करना होगा।
