Inverter Safety Tips And Precautions: इन्वर्टर हमारे घरों का हिस्सा बन गए हैं और अधिकतर घरों में हमें इन्वर्टर देखने को मिलता है। ज्यादातर घरों में इन्वर्टर होने के बावजूद अधिकतर लोगों को इसके रख-रखाव से संबंधित बातें नहीं पता होतीं जिससे न सिर्फ इन्वर्टर की लाइफ कम होती है, बल्कि इससे दुर्घटना होने की संभावनाएं भी बढ़ जाती हैं। आइए आपको इन्वर्टर के रख-रखाव से संबंधित जरूरी बातों के बारे में बताते हैं, जिससे न सिर्फ आपके इन्वर्टर की लाइफ बढ़ेगी बल्कि इससे दुर्घटना होने की संभावनाएं भी कम हो जायेंगी।
इन्वर्टर की जगह
यह जरूरी है कि इन्वर्टर खरीदने से पहले आप अपने घर में इसके लिए सही जगह ढूंढ लें। घर में इन्वर्टर हमेशा एक ऐसी जगह पर रखें जहां आस-पास कोई खिड़की हो या फिर वेंटिलेशन की स्थिति अच्छी हो। इससे इन्वर्टर का तापमान हमेशा सही बना रहेगा और इससे दुर्घटना होने की संभावनाएं भी कम हो जाती हैं। इन्वर्टर को कभी भी जमीन पर न रखें और हमेशा बैटरी और इन्वर्टर को आस-पास रखें ताकि कनवर्टर तक आसानी से वोल्टेज पहुंचाई जा सके।यह भी पढ़ें:
इस तरह करें रख रखाव
बैटरी में पानी का स्तर: बैटरी में मौजूद पानी के स्तर को हर तीन महीने में एक बार जरूर चेक कर लेना चाहिए। इससे बैटरी अच्छी कंडीशन में बनी रहती है और इन्वर्टर की लाइफ भी बढ़ती है।पावर ओवरलोड से बचाएं: अपने इन्वर्टर को कभी भी फ्रिज, गीजर या मोटर से कनेक्ट ना करें। ऐसा करने से इन्वर्टर पर लोड बढ़ता और पावरकट की स्थिति में इन्वर्टर में पावर ओवरलोड की दिक्कत आ सकती है।
सही तारों का इस्तेमाल: इन्वर्टर के कनेक्शन के लिए इस्तेमाल की जाने वाली तारें अच्छी क्वालिटी की होनी चाहिए। तारें कहीं से गली हुई या फिर कटी हुई नहीं होनी चाहिए इससे शॉर्ट सर्किट का खतरा बढ़ता है।
इन्वर्टर का पंखा: महीने में एक बार चेक कर लें कि क्या आपके इन्वर्टर का पंखा सही से काम कर रहा है या नहीं क्योंकि पंखे के काम न करने की स्थिति में इन्वर्टर का तापमान बढ़ सकता है।
धूल मिट्टी: अपने इन्वर्टर को समय-समय पर साफ जरूर करें। यह जरूरी है कि आपके इन्वर्टर पर धूल मिट्टी न जमे।
