अब बच्चा-बच्चा सीखेगा एनिमेशन और गेमिंग, स्कूल-कॉलेज में खुलेंगे हाई-टेक AVGC लैब्स
- Authored by: शिवानी कोटनाला
- Updated Feb 2, 2026, 01:35 PM IST
Animation and Gaming labs in schools: Indian Institute of Creative Technologies (IICT), मुंबई देश के 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में AVGC कंटेंट क्रिएशन लैब बनाएगा। इन लैब्स के जरिए छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ एनिमेशन फिल्में बनाना, वीडियो गेम डिजाइन करना और हाई-टेक विजुअल इफेक्ट्स (VFX) तैयार करना सिखाया जाएगा।
स्कूल-कॉलेजों में AVGC कंटेंट क्रिएशन लैब बनेंगे (Photo: iStock)
Animation and Gaming labs in schools: भारत शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। बजट 2026 में की गई घोषणा के अनुसार, Indian Institute of Creative Technologies (IICT), मुंबई देश के 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में AVGC कंटेंट क्रिएशन लैब बनाने जा रहा है। AVGC का मतलब Animation (एनिमेशन), Visual Effects (VFX), Gaming (गेमिंग), और Comics (कॉमिक्स) से है। सरकार के इस कदम के साथ स्कूल-कॉलेजों में बच्चों के सीखने-जानने का तरीका पूरी तरह से बदल जाएगा। आइए AVGC लैब और बच्चों को इसके जरिए होने वाले फायदों के बारे में जानते हैं-
AVGC लैब क्या है
यह एक ऐसी हाई-टेक लैब होगी, जहां छात्रों को केवल किताबों से नहीं, बल्कि अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर और टूल्स के जरिए डिजिटल कंटेंट बनाना सिखाया जाएगा। स्कूल-कॉलेजों में बच्चों को कार्टून और 3D कैरेक्टर्स बनाना, मोबाइल और कंप्यूटर गेम्स का डिजाइन और कोडिंग और डिजिटल कहानियों और ग्राफिक उपन्यासों का निर्माण करना सिखाया जाएगा।
छात्रों को क्या फायदा होगा
इस पहल का सबसे बड़ा लाभ छात्रों को मिलने वाले डिजिटल स्किल्स में होगा। अब तक छात्र केवल डॉक्टर या इंजीनियर बनने का सोचते थे, लेकिन अब वे गेम डिजाइनर, VFX आर्टिस्ट, या एनिमेटर के रूप में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर करियर बना सकेंगे। इससे छात्रों की सोचने की क्षमता और रचनात्मकता बढ़ेगी। इस तरह की स्किल के साथ 12वीं या ग्रेजुएशन के बाद ही छात्र फ्रीलांसिंग या बड़ी एनिमेशन कंपनियों में काम करने के योग्य बन सकेंगे।
IICT मुंबई की भूमिका
Indian Institute of Creative Technologies (IICT), मुंबई इस पूरी योजना की रीढ़ की हड्डी है। संस्थान की कई मुख्य जिम्मेदारियां हैं। जैसे लैब सेटअप करना, इसमें स्कूलों और कॉलेजों में एडवांस कंप्यूटर सिस्टम और सॉफ्टवेयर स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा, IICT शिक्षकों और छात्रों को इन टूल्स का इस्तेमाल करने के लिए प्रोफेशनल ट्रेनिंग देने का काम करेगा। साथ ही, लैब के लिए जरूरी शैक्षणिक सामग्री और प्रोजेक्ट्स तैयार करने का काम किया जाएगा।
भारत बनेगा ग्लोबल कंटेंट हब
भारत सरकार का लक्ष्य देश को एक ग्लोबल कंटेंट हब बनाना है। जब छात्र स्कूली स्तर से ही इन तकनीकों को सीखेंगे तो भारत न केवल विदेशों के लिए कंटेंट बनाएगा, बल्कि अपनी खुद की डिजिटल संपदा खड़ी करेगा। यह पहल भारत की डिजिटल इकोनॉमी को अरबों डॉलर की बढ़त दिलाने और लाखों नए रोजगार पैदा करने में मददगार सिद्ध होगी।