PPF Tips: पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) को लॉन्ग टर्म निवेश के लिए बेहतर स्कीम है। रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए भी यह स्कीम मुफीद मानी जाती है। मैच्योरिटी पर यह स्कीम में निवेशक बड़ी रकम प्रदान करती है। इस स्कीम में निवेश कर आप मोटी रकम जमा कर सकते हैं और घर खरीदने या अन्य जरूरतों के लिए इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। पीपीएफ में निवेश करने वाले कुछ गलतियां कर देते हैं, जिसकी वजह से उन्हें वित्तीय रूप से नुकसान झेलना पड़ जाता है। इसलिए जरूरी है कि पीपीएफ स्कीम से जुड़ी तीन गलतियां कभी न करें।
मैच्योरिटी से पहले पैसा न निकालें
स्कीम के मैच्योर होने से पहले पैसे की निकासी नहीं करनी चाहिए। ऐसा करने से आपको भारी नुकसान होगा, जो आपके रिटायरमेंट प्लानिंग को वित्तीय रूप से खराब कर देगा। समय से पहले PPF से निकासी पर पेनल्टी लग सकती है क्योंकि इसमें 15 साल की लॉक-इन पीरियड होता है।
PPF में निवेशकों को जमा राशि पर ब्याज मिलता है और इस ब्याज की इनकम पर किसी भी तरह का टैक्स नहीं लगता है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस स्कीम में निवेश की रकम इसलिए सुरक्षित मानी जाती है, क्योंकि निवेश की गारंटी सरकार लेती है। इनकम टैक्स की धारा 80C के तहत पीपीएफ में निवेश करके आप सालाना अधिकतम 1.50 लाख रुपये तक के डिडक्शन का लाभ उठा सकते हैं।
पेमेंट मिस न करें
अगर आप एक बार में 1.5 लाख रुपये का योगदान नहीं कर सकते हैं, तो हर महीने पैसा जमा करने की कोशिश करें। याद रखें, कभी भी कोई पेमेंट मिस न करें। इससे आपको बड़ी राशि का नुकसान होगा। हर महीने की शुरुआत में ही निवेश करने की कोशिश करें। इस तरह से बचाई गई एक छोटी राशि भी चक्रवृद्धि ब्याज के कारण वर्षों के निवेश के बाद एक बड़ी राशि बन जाएगी।
निवेश का समय
पीपीएफ में सबसे पहली गलती जो आपको नहीं करनी चाहिए वह है एक बार में 1,50,000 रुपये की मैक्सिमम लिमिट की राशि का कंट्रीब्यूशन। इसके अलावा निवेश की राशि का कंट्रीब्यूशन आपको अप्रैल के पहले सप्ताह में ही कर देना चाहिए। सुनिश्चित करें कि पांच अप्रैल से पहले इसे पूरा कर दें। इस तरह आप अपने पीपीएफ से अधिकतम संभव रिटर्न प्राप्त कर सकेंगे।
