किसी देश में निवेश करने के बाद दूसरे देश के नागरिकों को वहां का जो पासपोर्ट मिलता है, उसे गोल्डन पासपोर्ट या वीजा के नाम से जाना जाता है। कई देश गोल्डन वीजा के जरिए गोल्डन पासपोर्ट और निवेश प्रोग्राम के जरिए नागरिकता प्रदान करते हैं। मुख्य रूप से यूरोपीय यूनियन और कैरेबियाई देशों में इस तरह के पासपोर्ट और वीजा जारी किए जाते हैं। किसी भी देश में एक तय निवेश के बाद योग्य व्यक्तियों को गोल्डन पासपोर्ट दिया जाता है।
करना होगा निवेश
गोल्डन पासपोर्ट के लिए अप्लाई करने के लिए व्यक्ति की उम्र 18 साल से अधिक होनी चाहिए। साथ ही जिस देश का वो गोल्डन पासपोर्ट चाहता है वहां के तय नियमों के अनुसार निवेश करना होगा। साथ ही निवेश के पैसे का सबूत भी देना होता है। इसके अलावा गोल्डन पासपोर्ट के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति का आपराधिक रिकॉर्ड भी साफ होना चाहिए।
गोल्डन पासपोर्ट के लिए सबसे बेहतरीन ऑप्शन में से एक है, विदेशों में प्रॉपर्टी खरीदना। इसके जरिए आसानी से गोल्डन पासपोर्ट मिल जाता है और यह एक पॉपुलर ऑप्शन भी है। अलग-अलग देशों में संपत्ति में निवेश करने की तय राशि अलग-अलग होती है।
कैसे कर सकते हैं अप्लाई
किसी भी देश में गोल्डन पासपोर्ट पाने के लिए वहां कि कंपनी के शेयरों/स्टॉक, या देश के सरकारी बांड या सार्वजनिक ऋण में पूंजी निवेश करें। साथ ही रोजगार की संभावनाएं पैदा करें या देश की वैज्ञानिक या तकनीकी प्रगति में योगदान दें। निवेश करने के बाद, कोई व्यक्ति अपने गृह देश में संबंधित दूतावास या मामले पर अधिकार क्षेत्र वाली किसी विदेशी सरकारी एजेंसी से गोल्डन पासपोर्ट के लिए अनुरोध कर सकता है।
गोल्डन पासपोर्ट की वैलिडिटी अवधि जारी करने वाले देश पर निर्भर है। हालांकि, वैधता एक से दो साल के बीच है। हालांकि, इसे रिन्यू कराने का ऑप्शन उपलब्ध होता है। वीजा जारी करने वाले देश में 5 से 10 साल के निवास के बाद व्यक्ति स्थायी नागरिकता के लिए एलिजिबल हो जाता है।
