पानी हमारी बेसिक जरूरत है। बिना पानी के हम जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं। अच्छे स्वास्थ्य के लिए साफ पानी बहुत जरूरी है। अगर हमारे पीने के पानी में किसी तरह की गंदगी हो तो इससे हमें कई तरह की बीमारियां होने लगती हैं। स्वच्छ और पीने लायक पानी के लिए अधिकांश लोग घरों में वाटर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि कई लोग इसकी सर्विस को लेकर बड़ी लापरवाही बरतते हैं। हमें साफ पानी मिलता रहे इसके लिए सही समय पर फिल्टर की सर्विस कराना जरूरी है।
वॉटर प्यूरीफायर को लेकर जो सबसे बड़ा कंफ्यूजन है, वह यह है कि इसकी सर्विस कितने दिनों में करानी चाहिए। इसको लेकर लोगों में अलग-अलग राय है। अगर आप में भी इसको लेकर संशय बना हुआ है तो हम आपका यह डाउट आज दूर करने वाले हैं। ज्यादातर लोग तभी फिल्टर बदलते हैं जब मशीन काम करना बंद कर देते ही, आपकी ये लापरवाही आपके शारीरिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकती है।
कितना होना चाहिए TDS?
सबसे पहले आपको यह बता दें पानी में तय मानक के हिसाब से TDS होना चाहिए। अगर पानी में टीडीएस ज्यादा है तो इससे आप बीमार हो सकते हैं और स्वास्थ बिगड़ सकता है। वॉटर प्यूरीफायर का फिल्टर पानी में बढ़े हुए TDS को कम करने का काम करता है। इसलिए इसकी समय पर सर्विस करना जरूरी है। पानी में अगर TDS मानक की बात करें तो पीने लायक पानी में आदर्श टीडिएस 50 से 120mg/L होना चाहिए।
खराब फिल्टर की पहचान
वैसे तो जब फिल्टर पूरी तरह से खराब हो जाता है तो मशीन में बीप की आवाज आने लगती है। लेकिन इससे पहले ही आप जान सकते हैं कि फिल्टर खराब हो चुका है। अगर फिल्टर पानी से भी आपको कड़वाहट आ रही है तो मतलब आपके RO का कार्बन फिल्टर खराब हो गया है। खराब कार्बन फिल्टर से पानी में मौजूद क्लोरीन और अन्य कार्बनिक अशुद्धिया फिल्टर नहीं हो पाती हैं जिसकी वजह से पानी कड़वा लगने लगता है।
कई बार आप पानी की महक से भी पहचान सकते हैं कि फिल्टर बदलने का समय आ गया है। अगर आपको पानी पीते समय इसमें मिट्टी जैसी महक महसूस होने लगे तो इसका मतलब है कि फिल्टर में लेग सेटिमेंट फिल्टर पूरी तरह से जाम हो गए हैं। इसके अलावा अगर आपका वाटर प्यूरीफायर टैंक भरने में पहले से ज्यादा समय ले रहा है तो समझ जाइए कि फिल्टर ठीक से काम नहीं कर रहा है।
फिल्टर कब बदलना चाहिए?
अब सबसे अहम सवाल जो लगभग सभी के मन में रहता है कि वाटर प्यूरीफायर का फिल्टर कब बदलना चाहिए तो आपको बता दें कि समान्यतौर पर सेडिमेंट और कार्बन फिल्टर लगभग 6 से 12 महीने तक ठीक से काम कर जाता है। वहीं आरो मेंब्रेन करीब 3 साल तक काम कर सकती है। लेकिन, अगर ऊपर बताए गए किसी भी तरह की समस्या आपको पानी में नजर आती है तो आप टेक्नीशियन को बुला कर चेक करा सकते हैं।
