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स्विच बोर्ड की लाल बत्ती बढ़ाती है बिल, जानिए कितना पड़ता है जेब पर बोझ

Switch Board Red Light Power Consumption: स्विच बोर्ड पर लगी रेड लाइट असल में एक इंडिकेटर होती है कि घर में बिजली है। मगर यदि 24 घंटे बिजली आती रहे तो यह इंडिकेटर भी 24 घंटे चालू रहता है। ऐसे में ये आपका बिजली बिल बढ़ाती है। थोड़ा ही सही मगर इस लाइट या इंडिकेटर का आपके बिल पर असर जरूर पड़ता है।

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स्विच बोर्ड पर लगी रेड लाइट लगातार ऑन रहती है

Photo : BCCL
KEY HIGHLIGHTS
  • स्विच बोर्ड पर लगी रेड लाइट भी करती है बिजली की खपत
  • लगातार जलती है ये लाइट
  • ये लाइट होती है बिजली आने का संकेत

Switch Board Red Light Power Consumption: बढ़ती महंगाई के दौर में लोग जहां से जैसे भी हो सके पैसा बचाने की जुगत में लगे रहते हैं। घर का बिजली बिल भी कम आए इसे लेकर भी लोग तरह तरह के टिप्स फॉलो करते हैं। बिजली का बिल घटाने के लिए जहां लोग एक तरफ हेवी चीजों का इस्तेमाल कम करते हैं, वहीं कई बार उनकी नजर उन चीजों पर नहीं पड़ती जो दिखने में बहुत छोटी होती हैं, मगर लगातार बिजली की खपत करती हैं। इनमें से एक है स्विच बोर्ड पर लगी रेड लाइट, जो तब तक ऑन रहती है, जब बोर्ड में बिजली पहुंच रही हो।

24 घंटे रहती है चालू

स्विच बोर्ड पर लगी रेड लाइट असल में एक इंडिकेटर होती है कि घर में बिजली है। मगर यदि 24 घंटे बिजली आती रहे तो यह इंडिकेटर भी 24 घंटे चालू रहता है। ऐसे में ये आपका बिजली बिल बढ़ाती है। थोड़ा ही सही मगर इस लाइट या इंडिकेटर का आपके बिल पर असर जरूर पड़ता है।

घर में यदि अधिक स्विच बोर्ड हैं और वो सभी पूरे महीने डेली 20-22 घंटे भी ऑन रहते हैं तो जाहिर है कि आपका बिजली बिल बढ़ेगा।

कितनी होगी बिजली की खपत

घरों में बिजली की सप्लाई आमतौर पर 230-240 वोल्ट पर होती है। ऐसे में एक इंडिकेटर हर घंटे 0.3 से 0.5 वॉट यानी 24 घंटे में करीब 7.2 वॉट बिजली की खपत करेगा। वहीं यदि आपके घर में 10 स्विच बोर्ड हैं तो इन पर लगी रेड लाइट डेली 72 वॉट बिजली की खपत करेगी। इस तरह महीने में आपकी 2-2.5 यूनिट बिजली खर्च हो सकती है।

क्यों जरूरी है ये लाइट

महीने में 10 स्विच बोर्ड से 72 वॉट की खपत अधिक नहीं है। दूसरी बात कि यह लाइट इसलिए जरूरी है क्योंकि ये आंधी-तूफान जैसी आपदा पर ये बताती है कि घर में बिजली है या नहीं।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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