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6 तरह की होती है वेटिंग टिकट, जान लीजिए सबसे पहले कौनसी होती है कंफर्म

अगर आप ट्रेन से सफर करते हैं, तो वेटिंग टिकट मिलना आम बात है खासकर जब आप आखिरी वक्त पर टिकट बुक करते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि वेटिंग टिकट भी सिर्फ एक नहीं, बल्कि 6 तरह के होते हैं? और इन सबके कन्फर्म होने का क्रम और संभावना भी अलग-अलग होती है।

Indian Railway Ticket

अगर आप ट्रेन में सफर करते हैं तो ये खबर आपके काम की साबित हो सकती है। ट्रेन टिकट बुक करते समय अगर आपके टिकट पर WL यानी वेटिंग लिस्ट का स्टेटस दिखता है, तो इसका मतलब होता है कि फिलहाल आपकी सीट कन्फर्म नहीं है। लेकिन हर वेटिंग टिकट एक जैसा नहीं होता। भारतीय रेलवे (IRCTC) में वेटिंग टिकट्स के कई प्रकार होते हैं, और हर एक की कन्फर्म होने की संभावना और प्राथमिकता अलग-अलग होती है। कुछ वेटिंग टिकट ऐसे होते हैं जो लगभग तय माने जाते हैं, जबकि कुछ के कन्फर्म होने के चांस बहुत कम रहते हैं।

6 तरह की होती है वेटिंग टिकट

भारत में वेटिंग टिकट का सिस्टम कोच टाइप (जैसे AC या स्लीपर) और बुकिंग कोटा (जैसे जनरल, तत्काल, पूल्ड आदि) पर निर्भर करता है। कुल मिलाकर छह मुख्य प्रकार की वेटिंग लिस्ट होती हैं GNWL, RLWL, PQWL, TQWL, RQWL और SSWL/LDWL। इन सभी की कन्फर्मेशन प्राथमिकता अलग होती है, और रेलवे का चार्ट बनने तक (जो आमतौर पर ट्रेन चलने से 4 घंटे पहले बनता है) यह तय होता है कि किसकी टिकट कन्फर्म होगी।

1. GNWL (जनरल वेटिंग लिस्ट)

यह सबसे आम और भरोसेमंद वेटिंग लिस्ट है। यह टिकट तब मिलती है जब आप ट्रेन के शुरुआती स्टेशन से आखिरी स्टेशन तक की बुकिंग करते हैं। इस लिस्ट का कन्फर्मेशन चांस सबसे ज्यादा होता है लगभग 80 से 90 प्रतिशत तक।

2. RLWL (रिमोट लोकेशन वेटिंग लिस्ट)

यह लिस्ट उन यात्रियों के लिए होती है जो बीच के किसी स्टेशन से यात्रा शुरू करते हैं। GNWL के बाद इसकी प्राथमिकता होती है, और इसमें कन्फर्मेशन के चांस लगभग 70 से 80 प्रतिशत तक रहते हैं।

3. PQWL (पूल्ड कोटा वेटिंग लिस्ट)

यह उन यात्रियों के लिए होती है जो छोटे स्टेशनों के बीच सफर करते हैं। इसकी कन्फर्मेशन दर GNWL और RLWL से कम होती है — लगभग 50 से 70 प्रतिशत।

4. TQWL (तत्काल कोटा वेटिंग लिस्ट)

अगर आपने तत्काल टिकट बुक किया है और WL स्टेटस मिला है, तो वो TQWL कहलाता है (अब इसे CKWL भी कहा जाता है)। इस लिस्ट में कन्फर्मेशन की संभावना सबसे कम होती है, यानी करीब 30 से 50 प्रतिशत तक।

5. RQWL (रिक्वेस्ट कोटा वेटिंग लिस्ट)

यह सबसे कम प्राथमिकता वाली वेटिंग लिस्ट है। यह खास तौर पर रिक्वेस्ट या इमरजेंसी कोटा में आती है। इसमें कन्फर्मेशन का चांस सिर्फ 20 से 40 प्रतिशत तक होता है।

6. SSWL और LDWL (सीनियर सिटीजन व लेडीज वेटिंग लिस्ट)

अगर सीनियर सिटीजन या महिलाओं के कोटा में वेटिंग लिस्ट लगती है, तो उनके टिकट के कन्फर्म होने की संभावना ज़्यादा रहती है, क्योंकि रेलवे में इन कोटा को प्राथमिकता दी जाती है।

कौन-सी वेटिंग लिस्ट पहले कन्फर्म होती है?

रेलवे का कन्फर्मेशन ऑर्डर हमेशा तय होता है GNWL > RLWL > PQWL > TQWL > RQWL। यानी सबसे पहले GNWL वाले यात्रियों की सीट कन्फर्म होती है। अगर आपका वेटिंग टिकट GNWL 1 से 50 के बीच है, तो लगभग तय है कि आपका टिकट कन्फर्म हो जाएगा।

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रिचा त्रिपाठी
रिचा त्रिपाठी Author

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिच... और देखें

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