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ग्लोबल पासपोर्ट रैंकिंग में सिंगापुर का पासपोर्ट सबसे दमदार, भारत ने मारी लंबी छलांग

दुनिया के सबसे पॉवरफुल पासपोर्ट्स की रैंकिंग जारी हो गई है। इसमें सिंगापुर के पासपोर्ट को नंबर 1 रैंकिंग मिली है। सिंगापुर के पासपोर्ट धारक अब 193 देशों में वीज़ा-फ्री या वीज़ा ऑन अराइवल सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। यानी सिंगापुर के नागरिक बिना वीज़ा के लगभग पूरी दुनिया घूम सकते हैं। जापान और दक्षिण कोरिया जैसे एशियाई देशों ने भी शीर्ष स्थान बनाए रखे हैं।

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World powerful Passport (Pic Credit: iStock)

Photo : iStock

दुनिया के सबसे ताकतवर पासपोर्ट की रैंकिंग लिस्ट जारी हो गई है. Henley Passport Index 2025 की रैंकिंग लिस्ट में भारत ने बड़ी छलांग लगाई है। जहां पिछले साल भारत का स्थान 85वां था, वहीं इस बार वह 77वें स्थान पर पहुंच गया है। इस रैंकिंग में सबसे ऊपर सिंगापुर का नाम है, जिसका पासपोर्ट दुनिया का सबसे ताकतवर माना गया है।

सिंगापुर बना नंबर 1

सिंगापुर के पासपोर्ट धारक अब 193 देशों में वीज़ा-फ्री या वीज़ा ऑन अराइवल सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। यानी सिंगापुर के नागरिक बिना वीज़ा के लगभग पूरी दुनिया घूम सकते हैं। जापान और दक्षिण कोरिया जैसे एशियाई देशों ने भी शीर्ष स्थान बनाए रखे हैं।

भारत की बड़ी छलांग

भारत अब 77वें स्थान पर आ गया है और भारतीय पासपोर्ट से 59 देशों में वीज़ा-फ्री या ऑन-अराइवल वीज़ा की सुविधा मिलती है। यह भारत की विदेशी नीतियों, कूटनीतिक संबंधों और बढ़ती वैश्विक पहचान का संकेत है। भारत ने इस बार रैंकिंग में सबसे बड़ी छलांग लगाई है।

भारतीयों को किन देशों में मिलती है वीज़ा फ्री सुविधा?

59 देशों की सूची में इंडोनेशिया, नेपाल, भूटान, मालदीव, सेशल्स, श्रीलंका (वीज़ा ऑन अराइवल), जाम्बिया, इराक, मेडागास्कर, केन्या और म्यांमार जैसे देश शामिल हैं। इससे भारत के पर्यटकों, व्यापारियों और छात्रों के लिए विदेश यात्रा करना अब पहले से आसान हो गया है।

अमेरिका की गिरती रैंकिंग

जहां एशियाई देश रैंकिंग में आगे निकल रहे हैं, वहीं अमेरिका जैसे देशों की रैंकिंग गिर रही है। इस बार अमेरिका 10वें स्थान पर पहुंच गया है, जो पिछले दो दशकों में सबसे निचला स्तर है। यह वैश्विक राजनीतिक माहौल और वीज़ा नीतियों में बदलाव का असर माना जा रहा है।

क्यों ज़रूरी है पासपोर्ट रैंकिंग?

पासपोर्ट रैंकिंग बताती है कि किसी देश के नागरिकों को दुनिया के कितने देशों में यात्रा के लिए वीज़ा नहीं चाहिए। यह सीधे तौर पर उस देश की अंतरराष्ट्रीय पहुंच, कूटनीतिक ताकत, और वैश्विक प्रतिष्ठा को दर्शाता है।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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