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Health Insurance New Rule: IRDAI का आदेश, प्रीमियम का भुगतान नहीं करने पर भी ग्रेस पीरियड के दौरान मिलेगा कवरेज

  • Edited by: Rohit Ojha
  • Updated May 30, 2024, 10:21 AM IST

Health Insurance New Rule: पहले बीमा कंपनियां आपके द्वारा खरीदी गई पॉलिसी के प्रकार के आधार पर ग्रेस पीरियड देती थीं। बीमा कंपनियों के पॉलिसीधारकों को आमतौर पर अपने स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम का भुगतान करने के लिए एक ग्रेस पीरियड मिलता है। आम तौर पर ज्यादातर हेल्थ इंश्योरेंस प्लान एक ग्रेस पीरियड ऑफर करते हैं।

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Health insurance new rule

Photo : iStock

Health Insurance New Rule: अगर हेल्थ इंश्योरेंस का प्रीमियम किस्तों में मंथली, तीन महीने, छह महीने और सालाना आधार पर जमा किया जाता है, तो हेल्थ और जनरल इंश्योरेंस कंपनियों को अब अनिवार्य रूप से ग्रेस पीरियड के दौरान कवरेज प्रदान करना होगा। बीमा कंपनियों के पॉलिसीधारकों को आमतौर पर अपने स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम का भुगतान करने के लिए एक ग्रेस पीरियड मिलता है। हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम के लिए ग्रेस पीरियड वह अतिरिक्त समय है जो आपको प्रीमियम का भुगतान करने के लिए मिलता है, अगर आप पॉलिसी रिन्यू की तय तारीख से चूक गए हैं। आम तौर पर ज्यादातर हेल्थ इंश्योरेंस प्लान एक ग्रेस पीरियड ऑफर करते हैं।

क्या है ग्रेस पीरियड

ईटी की रिपोर्ट के अनुसार, एचडीएफसी एर्गो जनरल इंश्योरेंस के डायरेक्टर और चीफ बिजनेस अधिकारी पार्थनील घोष कहते हैं कि पहले बीमा कंपनियां आपके द्वारा खरीदी गई पॉलिसी के प्रकार के आधार पर ग्रेस पीरियड देती थीं। कुछ बीमाकर्ता स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियों के लिए 15 दिनों का ग्रेस पीरियड प्रदान करते हैं, जबकि अन्य 30 दिनों का ग्रेस पीरियड प्रदान करते हैं। इसलिए, एक हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम में ग्रेस पीरियड बीमा कंपनियों के अनुसार, अलग-अलग होता है। बीमा कंपनियां आमतौर पर स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी में ग्रेस पीरियड के दौरान कोई पॉलिसी कवरेज नहीं देती हैं।

ग्रेस पीरियड को स्टैंडर्डाइज्ड किया गया

भातीयय इंश्योरेंस रेगुलेटरी और डेवलपमेंट अथॉरिटी का लक्ष्य बीमा उद्योग के इस सिस्टम को बदलना है। 29 मई, 2024 के मास्टर सर्कुलर में, रेगुलेटरी बॉडी ने स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियों के लिए विभिन्न किस्तों के साथ ग्रेस पीरियड को स्टैंडर्डाइज्ड किया है और बीमाकर्ताओं से ग्रेस पीरियड के दौरान भी क्लेम कवरेज प्रदान करने के लिए कहा है। IRDAI ने कहा कि यदि पॉलिसी अवधि के दौरान प्रीमियम का भुगतान किस्तों में किया जाता है, तो ग्रेस पीरियड के लिए भी कवरेज उपलब्ध होगा।

इसके अलावा, नियामक ने अनिवार्य किया है कि जहां प्रीमियम का भुगतान मासिक किस्तों के जरिए किया जाता है, वहां ग्रेस पीरियड 15 दिनों का होगा। जो लोग तिमाही, छह महीने या सालाना आधार पर स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम का भुगतान करते हैं वे 30 दिनों का ग्रेस पीरियड पाने के हकदार हैं।

ग्राहकों के लिए फायदेमंद

ग्रेस पीरियड को स्टैंडर्डाइज्ड करना ग्राहकों के लिए फायदेमंद होगा। इससे उन्हें यह याद रखना आसान हो जाएगा कि किस तरह की स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी के लिए कौन सी ग्रेस पीरियड लागू होगी और उसके अनुसार भुगतान करना होगा। बड़ा बदलाव यह है कि ग्रेस पीरियड के दौरान कवरेज का विस्तार किया गया है। अगर कोई ग्राहक मंथली, तिमाही, छमाही और वार्षिक आधार पर किस्तों में स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम का भुगतान करता है, तो वह अब ग्रेस पीरियड के दौरान कवरेज के लिए पात्र होगा।

Rohit Ojha
Rohit Ojhaauthor

<p>रोहित ओझा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉरस्पॉडेंट सितंबर 2023 से काम कर रहे हैं। यहां पर वो बिजेनस और यूटिलिटी की खबरों पर काम करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में पांच साल से अधिक का अनुभव। चुनावी खबरों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर फिलहाल स्टॉक मार्केट, इकोनॉमी और पर्सनल फाइनेंस की खबरों के साथ जारी है। डेस्क और फील्ड दोनों में ही काम करने का तजुर्बा। टाइम्स नाऊ नवभारत से पहले अलग-अलग मीडिया संस्थानों में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। अमर उजाला, टीवी9 हिंदी, इंडिया टीवी, आज तक जैसे मीडिया संस्थान में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। स्टॉक मार्केट और इकोनॉमी के साथ-साथ देश की सियासी घटनाओं पर लिखने का अनुभव है। 2019 के आम चुनाव से लेकर तमाम विधानसभा की चुनावी खबरों पर काम किया है। 2019 का क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल की खबरों पर भी काम किया है। किस्से-कहानियों में मन लगता है। शारदा यूनिवर्सिटी से मास-कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म किया है। गृह जनपद- बक्सर। साहित्य, सियासत और सिनेमा पर लिखना-पढ़ना खूब पसंद है।</p>

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