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HDFC से लिया है होम लोन,जानें बैंक में विलय के बाद क्या होगा,कैसे बदलेगा आपका अकाउंट जानें हर डिटेल

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated May 4, 2023, 06:12 PM IST

HDFC-HDFC Bank Merger:HDFC-HDFC Bank के विलय के बाद होम लोन ग्राहकों के कर्ज बैंकों के अनुसार तय होंगे। यानी लोन एक्सटरनल बेंच मार्क लेडिंग रेट (EBLR) से तय होंगे। अभी फाइनेंस कंपनी के रुप में HDFC RPLR के आधार पर ब्याज दरें तय करता था। EBLR के आधार पर ब्याज दरें ज्यादा पारदर्शी तरीके से तय होंगी।

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होम लोन ग्राहकों के लिए बदलेंंगे नियम

HDFC-HDFC Bank merger:हाउसिंग फाइनेंस कंपनी HDFC और HDFC बैंक का विलय जल्द होने वाला है। ऐसी उम्मीद है कि यह प्रक्रिया जुलाई में पूरी हो जाएगी। इसके बाद हाउसिंग डेवलपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड (HDFC) के कस्टमर HDFC बैंक के हो जाएंगे। इस विलय प्रक्रिया से सबसे ज्यादा असर फाइनेंस कंपनी HDFC के होम लोन ग्राहकों पर पड़ने वाला है। सवाल यह है कि क्या HDFC के होम लोन ग्राहकों का कर्ज सस्ता हो जाएगा। इसके अलावा HDFC के मौजूदा होम लोन ग्राहकों के नियम और शर्त बदलेंगे। आइए समझते हैं कि नए हाउसिंग फाइनेंस कंपनी HDFC के बैंक ग्राहक बन जाने से क्या असर होंगे।

क्या सस्ता होगा होम लोन

HDFC-HDFC Bank के विलय के बाद होम लोन ग्राहकों के कर्ज बैंकों के अनुसार तय होंगे। यानी लोन एक्सटरनल बेंच मार्क लेडिंग रेट (EBLR) से तय होंगे। अभी फाइनेंस कंपनी के रुप में HDFC RPLR के आधार पर ब्याज दरें तय करता था। EBLR के आधार पर ब्याज दरें ज्यादा पारदर्शी तरीके से तय होंगी। ऐसे में HDFC के होम लोन ग्राहकों को ब्याज दरों के स्तर पर राहत मिलने की पूरी संभावना है। ऐसा होने पर होम लोन ग्राहको को सस्ती ब्याज दर या फिर लोन अवधि कम होने का तोहफा मिल सकता है

रेपो रेट का फायदा तुरंत मिलेगा

आम तौर पर जब आरबीआई रेपो रेट में बढ़ोतरी करता है तो यह देखा जाता है कि बैंक और फाइनेंस कंपनियां तेजी से कर्ज महंगा करते हैं। लेकिन रेपो रेट में कटौती पर वह ऐसा रवैया नहीं रखते हैं। लेकिन जब बैंक की प्रमुख दरें EBLR आधारित होंगी तो रेपो रेट में कटौती का ग्राहकों को तुरंत फायदा मिलेगा। इससे ग्राहकों को बैंक ग्राहक मिलने से राहत मिलेगी। जहां तक होम लोन ग्राहकों की नियम और शर्तों में अहम बदलाव की बात है तो वह ज्यादा नहीं बदलने वाली हैं।

लागत घटने का भी मिलेगा फायदा

HDFC-HDFC Bank के विलय का एक फायदा होने वाला है कि फाइनेंस कंपनी की जमाओं की तुलना में बैंक की जमाएं और कर्ज कहीं ज्यादा है। ऐसे में नई इकाई में बैंक की करंट अकाउंट और सेविंग अकाउंट लागत घट जाएगी। ऐसे में बैंक के लिए कर्ज लेना सस्ता हो सकता है। ऐसे में बैंक अपने ग्राहकों को इसका फायदा दे सकता है।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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