Financial Rule Change From 1 May: अप्रैल का महीना खत्म हो रहा और दो दिनों बाद नए महीने मई की शुरुआत हो जाएगी। इसके साथ ही कई सारे वित्तीय नियमों में बदलाव होगा। कई बैंकों के क्रेडिट और डेबिट कार्ड के चार्ज बदल जाएंगे। इसके अलावा एचडीएफसी बैंक की स्पेशल एफडी में निवेश करने की अवधि समाप्त हो रही है। साथ ही मई के महीने में आधार से पैन कार्ड को लिंक करने की नई डेडलाइन भी आई है... तो चलिए जान लेते हैं बदलने वाले वित्तीय नियमों के बारे में....
एचडीएफसी केयर एफडी स्कीम
एचडीएफसी बैंक देश के सीनियर सिटीजन की देखभाल के लिए स्पेशल फिक्स्ड डिपॉजिट चला रही है। इस स्कीम में निवेश की डेडलाइन10 मई, 2024 है। यह योजना मई 2020 में शुरू की गई थी। सीनियर सिटीजन स्पेशल एफडी पर 7.75 फीसदी तक की दर से ब्याज मिल रहा है। केवल 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के निवासी ही सीनियर सिटीजन केयर एफडी के लिए आवेदन करने के पात्र हैं। क्योंकि यह स्कीम विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लाभ के लिए है।
आईसीआईसीआई बैंक सेविंग अकाउंट
आईसीआईसीआई बैंक ने सेविंग बैंक अकाउंट के शुल्कों में बदलाव किया है। बैंक अब डेबिट कार्ड, अतिरिक्त चेक बुक लीव्स, डिमांड ड्राफ्ट या पे ऑर्डर कैंसिल करने और आईएमपीएस लेनदेन के लिए एक अलग शुल्क लेगा।
यस बैंक सेविंग अकाउंट चार्ज
यस बैंक ने अपने सेविंग अकाउंट के चार्ज में बदलाव किया है। बैंक ने कुछ खातों के लिए वार्षिक न्यूनतम शेष आवश्यकताओं के साथ-साथ कार्ड कैटेगरी के आधार पर एटीएम व डेबिट कार्ड शुल्क को अपडेट किया है। यस बैंक क्रेडिट कार्ड धारकों को गैस और बिजली जैसे युटिलिटी बिलों के भुगतान के लिए अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक क्रेडिट कार्ड
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक एक महीने में युटिलिटी बिल पेमेंट 20,000 रुपये से अधिक होने पर जीएसटी के साथ 1 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लेगा। फर्स्ट प्राइवेट क्रेडिट कार्ड, एलआईसी क्लासिक क्रेडिट कार्ड, एलआईसी सेलेक्ट क्रेडिट कार्ड को इस शुल्क से बाहर रखा गया है।
आधार पैन लिंक करने की डेडलाइन
जिन टैक्सपेयर्स ने अभी तक अपने पैन को आधार से लिंक नहीं करवाया है, उन्हें एक और मौका मिला है। इनकम टैक्स विभाग ने कहा कि है कि अगर टैक्सपेयर्स 31 मई तक अपने पैन को आधार से जोड़ देते हैं, तो टीडीएस की कम कटौती के लिए कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। इनकम टैक्स नियमों के अनुसार, अगर परमानेंट अकाउंट नंबर (पैन) को बायोमेट्रिक आधार से नहीं जोड़ा जाता है, तो लागू दर के मुकाबले दोगुनी दर से 'स्रोत पर कर कटौती' (TDS) की जाएगी।
