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EPFO की स्कीम से निर्माण मजदूरों को मिलेगा बड़ा फायदा: अधिकारी

EPFO scheme benefits: केरल उच्च न्यायालय ने निर्माण श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा को नियंत्रित करने वाले दो प्रमुख राष्ट्रीय कानूनों के बीच लंबे समय से चल रहे संघर्ष का समाधान करने को कहा था, जिसके बाद यह आदेश आया। आरपीएफसी ने निष्कर्ष निकाला कि ईपीएफ योजना बीओसीडब्ल्यू ढांचे की तुलना में निर्माण श्रमिकों के लिए बेहतर सुरक्षा देती है।

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EPFO scheme

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EPFO scheme benefits: निर्माण श्रमिकों को भवन तथा अन्य निर्माण श्रमिक (बीओसीडब्ल्यू) व्यवस्था के तहत मिलने वाले लाभ के मुकाबले ईपीएफओ की भविष्य निधि योजना बेहतर सुरक्षा देती है। एक क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त ने दोनों कानूनों के बीच अस्पष्टता को दूर करते हुए यह फैसला सुनाया।

क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त (कोच्चि) उत्तम प्रकाश ने यह स्पष्टीकरण आदेश दिया, जो पूरे भारत में श्रम कल्याण के लिए महत्वपूर्ण है। ये दोनों कानून 1) - कर्मचारी भविष्य निधि और विविध प्रावधान अधिनियम, 1952 (ईपीएफ अधिनियम) और 2) भवन तथा अन्य निर्माण श्रमिक (बीओसीडब्ल्यू) अधिनियम, 1996 हैं।

केरल उच्च न्यायालय ने निर्माण श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा को नियंत्रित करने वाले दो प्रमुख राष्ट्रीय कानूनों के बीच लंबे समय से चल रहे संघर्ष का समाधान करने को कहा था, जिसके बाद यह आदेश आया। अदालत ने एक रियल एस्टेट डेवलपर वीगालैंड होम्स प्राइवेट लिमिटेड की रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त (आरपीएफसी), कोच्चि को यह पता लगाने के लिए कहा था कि कौन सा कानून निर्माण श्रमिकों के लिए अधिक लाभकारी है।

आरपीएफसी ने निष्कर्ष निकाला कि ईपीएफ योजना बीओसीडब्ल्यू ढांचे की तुलना में निर्माण श्रमिकों के लिए बेहतर सुरक्षा देती है। आदेश में कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस) के तहत आजीवन पेंशन कवरेज, कर्मचारी जमा से जुड़ी बीमा योजना (ईडीएलआई) के माध्यम से पर्याप्त मृत्यु और विकलांगता लाभ, राज्यों और नियोक्ताओं के बीच लाभों का हस्तांतरण, उच्च प्रतिफल के साथ दीर्घकालिक बचत और शिकायत निवारण के लिए प्रौद्योगिकी संचालित व्यवस्था का जिक्र किया गया।

आदेश में कहा गया कि इसके विपरीत, बीओसीडब्ल्यू कल्याण बोर्ड पर्याप्त कल्याण उपकर लेने के बावजूद, अकुशलता, कम कवरेज और धन के कम उपयोग से जूझ रहा है।

इनपुट-भाषा

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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