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EPFO: कंपनियों को राहत, अब PF का पैसा डिफॉल्ट करने पर कम लगेगा जुर्माना

  • Edited by: Rohit Ojha
  • Updated Jun 16, 2024, 09:48 AM IST

EPFO: अब तक, दो महीने से कम की डिफॉल्ट अवधि के लिए जुर्माना का कैलकुलेशन 5 फीसदी प्रति वर्ष की दर से की जाती थी। ​​वर्तमान में नियोक्ताओं को पिछले महीने के लिए हर महीने की 15 तारीख को या उससे पहले EPFO ​​के साथ रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य है और इससे अधिक देरी को डिफॉल्ट माना जाता है।

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Photo : Times Now Digital

EPFO: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने नियोक्ताओं और कर्मचारियों को राहत दी है। नए नियम के तहत नियोक्ताओं या कंपनियों को राहत मिली है। अगर कोई कंपनी पीएफ, पेंशन और इंश्योरेंस का पैसा जमा करने में चूक जाती है, तो कई मामलों में उसे अब कम जुर्माना देना होगा। इस संबंध में श्रम मंत्रालय ने नोटिफिकेशन जारी कर दी है।

नोटिफिकेशन के अनुसार, कर्मचारी पेंशन योजना (EPS), कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) योजना और ईपीएफओ के तहत कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा योजना (EDLI) में प्रति माह अंशदान के बकाया का 1 फीसदी या प्रति वर्ष 12 फीसदी की दर से की जाएगी। अब तक सबसे अधिक शुल्क 25 फीसदी प्रति वर्ष था। नए प्रावधान नोटिफिकेशन की तिथि से प्रभावी होंगे।

फाइन में बदलाव

अब तक, दो महीने से कम की डिफॉल्ट अवधि के लिए जुर्माना का कैलकुलेशन 5 फीसदी प्रति वर्ष की दर से की जाती थी। दो महीने और उससे अधिक लेकिन चार महीने से कम की चूक अवधि के लिए 10 फीसदी, चार महीने और उससे अधिक लेकिन छह महीने से कम के लिए 15 फीसदी और छह महीने और उससे अधिक के लिए 25 फीसदी के आधार पर होता था। इस प्रावधान के लिए ऐसी कंपनियों पर जुर्माना कम हो जाएगा, जो लंबी अवधि के लिए डिफॉल्ट करते हैं। हालांकि, चार महीने से कम अवधि के लिए चूक करने वाले नियोक्ताओं के लिए दरों में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं होगा।

कब तक जमा करना होता है पैसा

वर्तमान में नियोक्ताओं को पिछले महीने के लिए हर महीने की 15 तारीख को या उससे पहले EPFO के साथ रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य है और इससे अधिक देरी को डिफॉल्ट माना जाता है। नियोक्ताओं के 12 फीसदी हिस्से में से, 8.33% EPS के तहत कर्मचारी के पेंशन खाते में जाता है, 3.67 फीसदी EPF योजना के तहत भविष्य निधि खाते में जाता है और EDLI योजना के तहत बीमा में अतिरिक्त 0.5 फीसदी जाता है। हालांकि, कर्मचारियों का कुल योगदान 12 फीसदी PF खाते में जाता है।

Rohit Ojha
Rohit Ojhaauthor

<p>रोहित ओझा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉरस्पॉडेंट सितंबर 2023 से काम कर रहे हैं। यहां पर वो बिजेनस और यूटिलिटी की खबरों पर काम करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में पांच साल से अधिक का अनुभव। चुनावी खबरों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर फिलहाल स्टॉक मार्केट, इकोनॉमी और पर्सनल फाइनेंस की खबरों के साथ जारी है। डेस्क और फील्ड दोनों में ही काम करने का तजुर्बा। टाइम्स नाऊ नवभारत से पहले अलग-अलग मीडिया संस्थानों में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। अमर उजाला, टीवी9 हिंदी, इंडिया टीवी, आज तक जैसे मीडिया संस्थान में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। स्टॉक मार्केट और इकोनॉमी के साथ-साथ देश की सियासी घटनाओं पर लिखने का अनुभव है। 2019 के आम चुनाव से लेकर तमाम विधानसभा की चुनावी खबरों पर काम किया है। 2019 का क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल की खबरों पर भी काम किया है। किस्से-कहानियों में मन लगता है। शारदा यूनिवर्सिटी से मास-कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म किया है। गृह जनपद- बक्सर। साहित्य, सियासत और सिनेमा पर लिखना-पढ़ना खूब पसंद है।</p>

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