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EPFO Claim: EPFO से करीब तीन करोड़ लोगों ने निकाले पैसे, बीमारी, शादी और पढ़ाई के लिए हुई निकासी

  • Authored by: Rohit Ojha
  • Updated May 14, 2024, 10:53 AM IST

EPFO Claim: 60 फीसदी से अधिक (2.84 करोड़) एडवांस क्लेम (बीमारी, शादी, शिक्षा जैसे आधार पर पैसे निकालने के लिए) थे। लगभग 89.52 लाख क्लेम का निपटान ऑटोमैटिक व्यवस्था का उपयोग करके किया गया। इस वजह से एडवांस के लिए क्लेम निपटान में लगने वाला समय 10 दिन से घटकर तीन-चार दिन रह गया है।

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EPFO Claim Settlement

Photo : iStock

EPFO Claim: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने बीते वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान 4.45 करोड़ क्लेम का निपटान किया है। इनमें से 2.84 करोड़ दावे ईपीएफ खाते से पैसा निकालने को लेकर थे। श्रम मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि ‘जीवनयापन में आसानी’ के लिए ईपीएफ योजना, 1952 के पैरा 68के शिक्षा और विवाह को लेकर और 68बी के तहत मकान के लिए सभी क्लेम को स्वत: क्लेम समाधान व्यवस्था के अंतर्गत लाया गया है।

बीमारी, शादी, शिक्षा के लिए निकाले गए पैसे

बयान के अनुसार, वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान ईपीएफओ ने लगभग 4.45 करोड़ क्लेम का निपटान किया। इनमें से 60 फीसदी से अधिक (2.84 करोड़) एडवांस क्लेम (बीमारी, शादी, शिक्षा जैसे आधार पर पैसे निकालने के लिए) थे। वर्ष के दौरान पैसे निकालने को लेकर निपटाये गए क्लेम में से लगभग 89.52 लाख क्लेम का निपटान ऑटोमैटिक व्यवस्था का उपयोग करके किया गया। ऑटोमैटिक निपटान प्रोसेस सूचना प्रौद्योगिकी से संचालित है। इसमें मानवीय हस्तक्षेप नहीं होता। इस वजह से ऐसे एडवांस के लिए क्लेम निपटान में लगने वाला समय 10 दिन से घटकर तीन-चार दिन रह गया है।

सिस्टम से वेरिफिकेशन

जिन दावों को सिस्टम से वेरिफिकेशन नहीं हो पाता है, उन्हें वापस या अस्वीकार नहीं किया जाता है। उन्हें दूसरे स्तर की जांच और अनुमोदन के लिए आगे बढ़ाया जाता है। आवास, विवाह और शिक्षा आदि उद्देश्यों के लिए तकनीकी आधारित स्वत: क्लेम के निपटान की व्यवस्था सीधे तौर पर कई सदस्यों को कम समय में कोष का लाभ उठाने में मदद करेगी। इस व्यवस्था को छह मई, 2024 को पूरे देश में लागू किया गया और तब से ईपीएफओ ने त्वरित सेवा प्रदान करने वाली इस पहल के तहत 45.95 करोड़ रुपये के 13,011 मामलों को मंजूरी दी है।

बीमारी के इलाज के लिए ईपीएफ खाते से राशि निकालने को लेकर लोगों की सहायता के लिए अप्रैल, 2020 में दावा निपटान की स्वत: व्यवस्था पेश की गयी थी। इसके तहत दावे की सीमा बढ़ाकर 1,00,000 रुपये कर दी गई है।

(इनपुट-भाषा)

Rohit Ojha
Rohit Ojhaauthor

<p>रोहित ओझा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉरस्पॉडेंट सितंबर 2023 से काम कर रहे हैं। यहां पर वो बिजेनस और यूटिलिटी की खबरों पर काम करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में पांच साल से अधिक का अनुभव। चुनावी खबरों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर फिलहाल स्टॉक मार्केट, इकोनॉमी और पर्सनल फाइनेंस की खबरों के साथ जारी है। डेस्क और फील्ड दोनों में ही काम करने का तजुर्बा। टाइम्स नाऊ नवभारत से पहले अलग-अलग मीडिया संस्थानों में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। अमर उजाला, टीवी9 हिंदी, इंडिया टीवी, आज तक जैसे मीडिया संस्थान में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। स्टॉक मार्केट और इकोनॉमी के साथ-साथ देश की सियासी घटनाओं पर लिखने का अनुभव है। 2019 के आम चुनाव से लेकर तमाम विधानसभा की चुनावी खबरों पर काम किया है। 2019 का क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल की खबरों पर भी काम किया है। किस्से-कहानियों में मन लगता है। शारदा यूनिवर्सिटी से मास-कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म किया है। गृह जनपद- बक्सर। साहित्य, सियासत और सिनेमा पर लिखना-पढ़ना खूब पसंद है।</p>

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