EPFO Illness Advance: ईपीएफओ एक ऐसी सरकारी स्कीम है, जिसके तहत देश के करोड़ों नौकरीपेशा लोगों को सामाजिक सुरक्षा मिलती है। EPFO यानी कर्मचारी भविष्य निधि संगठन अपने सदस्यों को सामाजिक सुरक्षा के तहत कई तरह की सुविधाएं देता है, जिसकी मदद से ईपीएफ मेंबर्स को मुसीबत के समय आर्थिक मदद मिल जाती है। EPFO अपने सदस्यों को बीमारी की स्थिति में इलनेस एडवांस (Illness Advance) की भी सुविधा मुहैया कराता है। इस सुविधा के तहत, EPFO मेंबर्स बीमारी की स्थिति में जरूरत पड़ने पर इलनेस एडवांस प्राप्त कर सकते हैं।
इलनेस एडवांस क्लेम करने के लिए जरूरी शर्तें
इलनेस एडवांस क्लेम करने के लिए कुछ शर्तें होती हैं, जिन्हें पूरा करने के बाद ही मेंबर्स को इलनेस एडवांस मिल पाता है। बताते चलें कि ईपीएफ मेंबर्स अपनी या अपने परिवार के किसी सदस्य की बीमारी की स्थिति में इलनेस एडवांस क्लेम कर सकते हैं। इलनेस एडवांस की सबसे अच्छी बात ये है कि ये नॉन-रिफंडेबल होता है यानी इस रकम को वापस लौटाने की भी जरूरत नहीं होती है।
किन परिस्थितियों में मिलता है इलनेस एडवांस
अगर कोई ईपीएफ मेंबर या उसके परिवार का कोई सदस्य एक महीने से ज्यादा समय के लिए अस्पताल में भर्ती है तो वह इलनेस एडवांस के लिए क्लेम कर सकता है। इसके अलावा, अगर ईपीएफ मेंबर या उसके परिवार का कोई सदस्य किसी बड़ी या गंभीर बीमारी से पीड़ित है तो ऐसी स्थिति में भी वह इलनेस एडवांस प्राप्त कर सकता है।
इलनेस एडवांस में कितने पैसे प्राप्त कर सकते हैं कर्मचारी
ईपीएफ मेंबर्स इलनेस एडवांस सुविधा के तहत 6 महीने की बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते के साथ पीएफ खाते में जमा रकम में से जो भी कम है, उतनी रकम इलनेस एडवांस के रूप में प्राप्त कर सकते हैं।
इलनेस एडवांस प्राप्त करने के लिए जो सबसे जरूरी प्रक्रिया है, वो है मेंबर का सेल्फ डिक्लेरेशन। इसके अलावा इसके लिए आपको कोई खास कागजी कार्यवाही की जरूरत नहीं पड़ती है। ईपीएफ मेंबर्स ईपीएफओ की वेबसाइट के अलावा उमंग ऐप की मदद से भी इलनेस एडवांस के लिए अप्लाई कर सकते हैं।
