EPFO: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने सदस्यों को दी गई एक स्पेशल सुविधा को वापस ले लिया है। कोविड 19 महामारी के दौरान EPFO ने रिटायरमेंट सेविंग फंड से कोविड एडवांस की निकासी की सुविधा दी थी। लेकिन अब इस सुविधा को बंद कर दिया गया है। रिटायरमेंट फंड बॉडी ने एक सप्ताह पहले अपने अधिकारियों के साथ एक औपचारिक बैठक में इस फैसले की घोषणा की। बैठक में भाग लेने वाले ईपीएफओ एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर ईटी को इस बारे में बताया।
अधिकारी ने कहा कि हालांकि इस संबंध में नोटिफिकेशन अभी जारी नहीं हुई है, लेकिन सॉफ्टवेयर में नॉन रिफंडेबल कोविड एडवांस को डिसेबल करने का प्रयास किया जा रहा है। ताकी सब्सक्राइबर्स इसके लिए आगे आवेदन नहीं कर सकें।
दो करोड़ से अधिक लोगों को मिला लाभ
2022-23 की ईपीएफओ की ड्रॉफ्ट वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, 2.2 करोड़ से अधिक या ईपीएफओ के कुल ग्राहकों की संख्या की एक तिहाई से अधिक लोगों को लाभ मिला था। 2020-21 से शुरू होने वाले तीन वित्तीय वर्षों में कोविड ए़डवांस के रूप में 48,075.75 करोड़ रुपये लोगों को जारी किए गए थे।
रिपोर्ट के अनुसार, रिटायरमेंट फंड बॉडी ने 2020-21 में 17,106.17 करोड़ रुपये वितरित किए, जिससे 69.2 लाख लाभार्थियों को लाभ हुआ। 2021-22 में 91.6 लाख लाभार्थियों को 19,126.29 करोड़ रुपये और 2022-23 में 62 लाख लाभार्थियों को 11,843.23 करोड़ रुपये ईपीएफओ की ओर से जारी किए गए।
6 करोड़ से अधिक सदस्य
ईपीएफओ के 6 करोड़ से अधिक ग्राहक हैं और यह 20 लाख करोड़ रुपये से अधिक के फंड का प्रबंधन करता है। सरकार ने मार्च 2020 में ईपीएफ योजना 1952 में किए गए बदलावों के बारे में नोटिफिकेशन जारी किया था। इस प्रोविजन के तहत कोई भी ईपीएफ सब्सक्राइबर तीन महीने की बेसिक सैलरी और डीए के बराबर या ईपीएफ अकाउंट में जमा कुल रकम के 75 फीसदी हिस्से में से जो कम हो उसे निकाल सकता था। नौकरीपेशा लोगों के पीएफ खाते में उनकी सैलरी में से हर महीने एक निश्चित अमाउंट काटकर जमा किया जाता है। इस पैसे पर सालाना ब्याज भी मिलता है।
