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Driving Licencse Rules: ड्राइविंग लाइसेंस के लिए नहीं देना होगा टेस्ट, आरटीओ के चक्कर काटने से मिलेगी राहत

  • Authored by: शिवम पांडे
  • Updated Nov 17, 2022, 07:48 PM IST

Rules for Driving License: ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आरटीओ की लंबी-लंबी लाइन में लगना आम है। इसके अलावा ड्राइविंग टेस्ट से गुजरना भी लाइसेंस की प्रक्रिया को जटिल बना देते हैं। ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े नियमों में कुछ बदलाव हुए हैं। इसके लिए आपको आरटीओ में जाकर टेस्ट नहीं देना होगा।

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Driving License

KEY HIGHLIGHTS
  • ड्राइविंग लाइसेंस के लिए नहीं लगाने होंगे आरटीओ के चक्कर
  • ड्राइविंग लाइसेंस के लिए लागू हुए नए नियम।
  • ड्राइविंग लाइसेंस के लिए नहीं देना होगा ड्राइविंग टेस्ट।

New Rules for Driving License: भारत में ड्राइविंग लाइसेंस बनाना सबसे चुनौतीपूर्ण काम में से एक हैं। इसे बनाने के लिए कई बार ड्राइविंग टेस्ट से गुजरना पड़ता है। अब ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े नियमों में एक बड़ा बदलाव आया है। आप ड्राइविंग लाइसेंस बना रहे हैं तो आपको आरटीओ के चक्कर नहीं काटने होंगे। यही नहीं आपको ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अलग से कोई भी टेस्ट नहीं देना होगा। दरअसल लागू हुए नए नियमों ने जनता को काफी राहत दी है।

केंद्रीय सड़क, राजमर्ग और परिवहन मंत्रालय द्वारा लागू नए नियमों के मुताबिक ड्राइविंग परमिट के लिए आप ड्राइविंग स्कूल जा सकते हैं। ड्राइविंग स्कूल में आप अपना नाम दर्ज करवाएं। स्कूल में दाखिला लेकर ड्राइविंग सीख सकते हैं। इसके बाद आपको परीक्षा के आधार पर ड्राइविंग स्कूल से एक सर्टिफिकेट दिया जाएगा। इस सर्टिफिकेट को परमिट पेपर के साथ रखना होगा। आपको किसी भी तरह के ड्राइविंग टेस्ट से गुजरना नहीं होगा। आपको ड्राइविंग परमिट मिल जाएगा। इससे न सिर्फ आपका वक्त बचेगा, साथ ही लंबी लंबी लाइन में खड़े होने की तकलीफ भी बेहद कम होगा।

फॉलो करें ये प्रक्रिया

  • ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के लिए किसी मान्यता प्राप्त ड्राइविंग स्कूल से ट्रेनिंग लेनी होगी।
  • ध्यान रहे कि ड्राइविंग स्कूल की वैधता पांच साल से अधिक होनी चाहिए।
  • ड्राइविंग स्कूल द्वारा आयोजित की गई परीक्षा को पास करना होगा। यहां से आपको सर्टिफिकेट मिलेगा।
  • सर्टिफिकेट के आधार पर आरटीओ के द्वारा ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया जाएगा।
ड्राइविंग स्कूल के पाठ्यक्रम में सड़क शिष्टाचार, रोड रेज, यातायात से जुड़े नियम, फर्स्ट एड, दुर्घटना के कारण और गाड़ी चलाने के समय माइलेज जैसी चीजों को शामिल करना होगा। कोर्स का थ्योरी पार्ट आठ घंटे तक चलेगा।
शिवम पांडे
शिवम पांडेauthor

शिवम् पांडे सिनेमा के आलावा राजनीति, व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सम्बन्धों में खास रुचि है। पत्रकारिता में लगभग सात साल का अनुभव रखने वाले शिवम् पांडे बॉलीवुड की बारीकियों को समझते हैं। उसे नए अंदाज में पेश करने का माद्दा रखते हैं।

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