दिल्ली मेट्रो में हर दिन लाखों लोग सफर करते हैं। मेट्रो आज के समय में राष्ट्रीय राजधानी की लाइफ लाइन बन चुकी है। कई बार लोगों के मन में यह सवाल आता है कि क्या दिल्ली मेट्रो के कोच को पूरी तरह से बुक कारया जा सकता है? लेकिन बहुत कम लोगों को यह जानकारी होती है कि जरूरत पड़ने पर मेट्रो का पूरा कोच भी बुक कराया जा सकता है।
स्कूल टूर, टूरिस्ट ग्रुप, कॉरपोरेट इवेंट, सामाजिक संगठनों या बड़े पारिवारिक समूहों के लिए यह सुविधा उपलब्ध है। हालांकि कुछ कामों के लिए यह प्रतिबंधित भी है। आइए आपको बताते हैं कि कैसे आप मेट्रो ट्रेन का कोच बुक करा सकते हैं और इसके लिए आपको कितना खर्च करना पड़ेगा।
DMRC का नियम क्या है?
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) की "Reservation of Car(s)/Train" नियम के तहत किसी समूह की ओर से एक व्यक्ति, संस्था, टूर ऑपरेटर, सरकारी या निजी एजेंसी मेट्रो का कोच बुक करा सकती है। यह सुविधा विशेष रूप से समूह यात्राओं के लिए बनाई गई है।
नियम के अनुसार आमतौर पर 45 से 150 यात्रियों तक के समूह के लिए कोच आरक्षित किया जा सकता है। DMRC ऐसे समूहों को विशेष सुविधाएं भी प्रदान कर सकती है, जिनमें स्वागत संदेश, विशेष घोषणाएं, गाइड की व्यवस्था और कुछ मामलों में मेट्रो संग्रहालय का विजट भी शामिल है।
कितना आता है खर्च?
पुरानी DMRC के नियम के अनुसार अलग-अलग लाइनों पर कोच बुकिंग के लिए यात्री किराए के अलावा अतिरिक्त सुविधा शुल्क लिया जाता था। यह शुल्क विभिन्न लाइनों के लिए लगभग 30,000 रुपये से 50,000 रुपये के बीच था। सरकारी स्कूलों और विशेष स्कूल चलाने वाले कुछ एनजीओ को इस शुल्क में छूट भी दी जाती थी।
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि कुछ श्रेणियों में यह सुविधा लगभग 8,000 रुपये से 18,000 रुपये के दायरे में भी उपलब्ध कराई जा रही है, हालांकि वास्तविक शुल्क यात्रा, लाइन, यात्रियों की संख्या और DMRC की वर्तमान नीति पर निर्भर करेगा। इसलिए बुकिंग से पहले आधिकारिक जानकारी लेना जरूरी है।
क्या पूरी ट्रेन भी बुक हो सकती है?
DMRC की नीति में केवल एक कोच ही नहीं, बल्कि विशेष परिस्थितियों में पूरी ट्रेन के रिजर्वेशन का भी प्रावधान बताया गया है। हालांकि ऐसी बुकिंग सामान्य यात्रियों के लिए नियमित सेवा की तरह उपलब्ध नहीं होती और इसके लिए विशेष अनुमति की भी जरूरत होती है।
बुकिंग प्रक्रिया क्या है?
अगर आप मेट्रो के कोच को बुक कराना चाहते हैं तो यात्रा की डिटेल जानाकरी जैसे- यात्रियो की संख्या और यात्रा का उद्देश्य DMRC को देना होगा। कोच की बुकिंग दी जाएगी या नहीं यह पूरी तरह से DMRC पर ही निर्भर करेगा। सुरक्षा मानक, परिचालन की व्यवस्था और उपलब्धता को देखकर ही अंतिम स्विकृति मिलती है।
विज्ञापन के लिए भी होती है पूरी ट्रेन की बुकिंग
दिल्ली मेट्रो में ब्रांडिंग और विज्ञापन के लिए भी पूरी ट्रेन या ट्रेन सेट बुक किए जाते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार कई मामलों में किसी एक कोच के बजाय पूरी ट्रेन को ब्रांडिंग के लिए आरक्षित करना पड़ता है। यही वजह है कि यात्रियों को अक्सर किसी एक ब्रांड की थीम पर सजी पूरी मेट्रो ट्रेन दिखाई देती है।
