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आधार से बड़ा पेपर होगा अब बर्थ सर्टिफिकेट,इसके बिना नहीं कर पाएंगे कुछ भी

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Aug 9, 2023, 05:51 PM IST

Birth And Death Certificate New Rule And Implication: नया कानून बनने से कई मामलों में जन्म प्रमाणपत्र जरूरी हो जाएगा। साथ ही किसी व्यक्ति की उम्र और जन्म स्थान प्रूफ करने के लिए इसे वैलिड सर्टिफिकेट माना जाएगा। इसके बाद देश में जन्म तिथि और जन्म स्थान को साबित करने के लिए दूसरे डॉक्यूमेंट्स दिखाने की जरूरत नहीं होगी।

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नया विधेयक पारित

Birth And Death Certificate New Rule And Implication:जन्म और मृत्यु पंजीकरण बिल को संसद से मंजूरी मिल गई है। इस बिल के कानून बनने के बाद जन्म और मृत्यु पंजीकरण की प्रक्रिया बहुत आसान हो जाएगी। नए कानून के बाद सबसे बड़ा बदलाव यह होगा कि जन्म और मृत्यु पंजीकरण का सारा प्रोसेस ऑनलाइन होगा। और डिजिटल जन्म प्रमाणपत्र एक ऐसा सिंगल डॉक्यूमेंट होगा, जिसका यूज किसी भी व्यक्ति की जन्म तिथि और जन्म स्थान का प्रूफ देने के लिए होगा। और इसके अलावा किसी और डॉक्यूमेंट की जरूरत नहीं पड़ेगी। जिस तरह नए विधेयक से जन्म प्रमाण पत्र को अहमियत दी गई है। उसके बाद आने वाले समय में आधार से भी ज्यादा अहमियत वाला कागज जन्म प्रमाणपत्र होगा।

क्या होंगे अहम बदलाव

नए कानून के तहत जन्म और मृत्यु पंजीकरण बिल, 1969 में संशोधन किया गया है। और नया जन्म और मृत्यु पंजीकरण संशोधन विधेयक को पारित किया गया है। इसके तहत जन्म और मृत्यु का रजिस्ट्रेशन आसान हो जाएगा। और उनकी इलेक्ट्रॉनिक डिलीवरी का प्रोविजन किया गया है। इसके तहत राष्ट्रीय और राज्य-स्तरीय डेटाबेस तैयार किया जाएगा। इसके अलावा जन्म प्रमाण पत्र आधार नंबर से लिंक होगा। जिससे वैरिफिकेशन प्रोसेस बेहद आसान होगा और फ्रॉड भी कम होगा।

बिना जन्म प्रमाण पत्र के आधार भी नहीं बनेगा

नया कानून बनने से कई मामलों में जन्म प्रमाणपत्र जरूरी हो जाएगा। साथ ही किसी व्यक्ति की उम्र और जन्म स्थान प्रूफ करने के लिए इसे वैलिड सर्टिफिकेट माना जाएगा। इसके बाद देश में जन्म तिथि और जन्म स्थान को साबित करने के लिए दूसरे डॉक्यूमेंट्स दिखाने की जरूरत नहीं होगी। और सबसे अहम बात यह है कि यह सारा प्रॉसेस ऑनलाइन हो जाएगा।

  • आधार कार्ड भी जन्म प्रमाणपत्र के जरिए ही बनेगा
  • इसी तरह स्कूल में एडमिशन
  • ड्राइविंग लाइसेंस
  • वोटर कार्ड
  • शादी के पंजीकरण
  • पासपोर्ट आदि भी जन्म प्रमाणपत्र के जरिए बनेगा।
प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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