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UPI के जरिए लोन देने की तैयारी में बैंक, गारंटी के लिए रखना होगा ये कागज

  • Edited by: Rohit Ojha
  • Updated Aug 5, 2024, 04:16 PM IST

Loans on UPI against FDs: नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने अभी तक UPI पर क्रेडिट-लाइन सेवा शुरू नहीं की है, लेकिन बैंकों ने अपने स्ट्रक्चर पर काम करना शुरू कर दिया है। बिना क्रेडिट हिस्ट्री वाले ग्राहकों को एफडी के बदले छोटे-छोटे लोन दिए जा सकते हैं।

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Loans on UPI against FDs

Photo : iStock

Loans on UPI against FDs: प्राइवेट बैंक नए ग्राहकों को फिक्स्ड डिपॉजिट के बदले यूपीआई पर लोन ऑफर कर सकते हैं। हालांकि, नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने अभी तक UPI पर क्रेडिट-लाइन सेवा शुरू नहीं की है, लेकिन बैंकों ने अपने स्ट्रक्चर पर काम करना शुरू कर दिया है। ईटी नाउ के अनुसार, बैंक के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि जमाराशि के बदले लोन देना, क्रेडिट कार्ड के बदले लोन देने का एक किफायती तरीका माना जाता है, जिसके लिए बैंकों को न्यूनतम मूल्य के लेन-देन की आवश्यकता होती है।

एफडी के बदले छोटे लोन

नए बैंक ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं, इसलिए बिना क्रेडिट हिस्ट्री वाले ग्राहकों को एफडी के बदले छोटे-छोटे लोन दिए जा सकते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आंकड़ों के अनुसार, इस साल अप्रैल-जून तिमाही में एफडी के बदले लोन 1,294 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में इसमें 797 करोड़ की कमी आई थी।

बैंक बिना क्रेडिट हिस्ट्री वाले नए ग्राहकों को लोन देने से कतराते हैं। इस पर काबू पाने के लिए, उन्होंने अक्सर नए ग्राहकों को छोटे टिकट लोन लेने के लिए नॉन-बैंक फाइनेंस कंपनियों (एनबीएफसी) के पास भेजा है, ताकि उनकी क्रेडिट हिस्ट्री स्थापित हो सके।

बैंकों का प्लान

बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस के अनुसार, अगर यह रणनीति कारगर साबित होती है, तो बैंक उन्हें क्रेडिट कार्ड बेच सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगर यह कारगर साबित होता है, तो हम उन्हें पर्सनल लोन, ऑटो लोन और अन्य लोन में अपग्रेड कर सकते हैं।

अच्छे और बुरे ग्राहकों के बीच अंतर करने के लिए यह एक अच्छी रणनीति है। UPI पर पहले से ही सक्षम एक मजबूत मर्चेंट आधार और एक विशाल अधिग्रहण बाजार के साथ जारीकर्ता बैंक इस प्रोडक्ट को बड़े पैमाने पर संचालित करने की सोच रहे हैं।

Rohit Ojha
Rohit Ojhaauthor

<p>रोहित ओझा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉरस्पॉडेंट सितंबर 2023 से काम कर रहे हैं। यहां पर वो बिजेनस और यूटिलिटी की खबरों पर काम करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में पांच साल से अधिक का अनुभव। चुनावी खबरों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर फिलहाल स्टॉक मार्केट, इकोनॉमी और पर्सनल फाइनेंस की खबरों के साथ जारी है। डेस्क और फील्ड दोनों में ही काम करने का तजुर्बा। टाइम्स नाऊ नवभारत से पहले अलग-अलग मीडिया संस्थानों में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। अमर उजाला, टीवी9 हिंदी, इंडिया टीवी, आज तक जैसे मीडिया संस्थान में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। स्टॉक मार्केट और इकोनॉमी के साथ-साथ देश की सियासी घटनाओं पर लिखने का अनुभव है। 2019 के आम चुनाव से लेकर तमाम विधानसभा की चुनावी खबरों पर काम किया है। 2019 का क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल की खबरों पर भी काम किया है। किस्से-कहानियों में मन लगता है। शारदा यूनिवर्सिटी से मास-कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म किया है। गृह जनपद- बक्सर। साहित्य, सियासत और सिनेमा पर लिखना-पढ़ना खूब पसंद है।</p>

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