केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने NAFED के ऑक्शन पोर्टल को लॉन्च कर दिया है। उन्होंने नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में NAFEX.IN को लॉन्च किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के साथ डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का सपना पूरा हुआ है। उन्होंने डॉ. मुखर्जी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने में उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा।
23 जून का दिन बीजेपी कार्यकर्ताओं के लिए विशेष
अमित शाह ने कहा कि 23 जून का दिन भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इसी दिन डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने देश की एकता के लिए अपना बलिदान दिया था। उन्होंने विभाजन के दौर को याद करते हुए कहा कि डॉ. मुखर्जी ने यह सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी कि पश्चिम बंगाल भारत का हिस्सा बना रहे।
किसानों के हित में बिचौलियों की भूमिका खत्म करने पर जोर
कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने कृषि खरीद प्रक्रिया में बिचौलियों की भूमिका कम करने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि दाल और तिलहन की खरीद सीधे किसानों से की जानी चाहिए, ताकि न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का पूरा लाभ किसानों तक पहुंच सके।
उन्होंने NAFED की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि करीब 12 साल पहले आर्थिक चुनौतियों से जूझ रही संस्था आज 74 लाख किसानों के साथ काम कर रही है। उन्होंने बताया कि NAFED का कारोबार अब करीब 30 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है और संस्था लगभग 500 करोड़ रुपये का मुनाफा कमा रही है।
शिवराज सिंह चौहान ने तकनीक आधारित व्यवस्था की सराहना की
कार्यक्रम में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पिछले एक दशक में देश में कृषि उत्पादन में काफी वृद्धि हुई है। उन्होंने NAFED और राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ (NCCF) की टीमों की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और किसान हितैषी बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नए पोर्टल की मदद से किसानों को भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में 48 घंटे के भीतर मिल रहा है।
NAFED ने लॉन्च किए कई डिजिटल प्लेटफॉर्म
अमित शाह ने कार्यक्रम के दौरान NAFED की कई डिजिटल और किसान केंद्रित पहलों की शुरुआत भी की। इनमें किसानों के बच्चों के लिए NAFED-KALYAN छात्रवृत्ति, दालों और तिलहन के स्टॉक प्रबंधन के लिए DRISHTI पोर्टल और बेहतर प्रबंधन के लिए ERP पोर्टल शामिल हैं। इन डिजिटल पहलों का उद्देश्य सहकारी संस्थाओं को मजबूत करना, पारदर्शिता बढ़ाना और किसानों को तकनीक के जरिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
