'बुलाती है मगर जाने का नहीं' कहकर दुनिया से रुखसत हो गए राहत इंदौरी, देखें उनका यह फेमस वीडियो

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Updated Aug 11, 2020 | 18:44 IST

Rahat Indori bulati hai magar jane ka nahi Video: मशहूर शायर राहत इंदौरी का 70 साल की उम्र में न‍िधन हो गया है। कुछ वक्‍त पहले उनका एक शेर 'बुलाती है मगर जाने का नहीं' काफी वायरल हुआ था।

मुख्य बातें

  • जमकर वायरल हुई थी शायर राहत इंदौरी की गजल
  • ल‍िखा था- वबा फैली हुई है हर तरफ, अभी माहौल मर जाने का नहीं
  • ट‍िक टॉक पर यूजर्स ने खूब बनाए थे इस गजल पर वीडियो

Rahat Indori bulati hai magar jane ka nahi Video: मशहूर शायर राहत इंदौरी का 70 साल की उम्र में न‍िधन हो गया है। इंदौर के एक न‍िजी अस्‍पताल में कार्डिएक अरेस्‍ट के चलते उन्‍होंने आखिरी सांस ली। निधन की सुबह ही उन्‍हें कोरोना होने की भी पुष्टि हुई थी। उन्‍होंने खुद ट्वीट कर इसकी जानकारी अपने चाहने वालों को दी थी। वैसे तो राहत साहब ने अपने जीवन ने अनगिनत ऐसे शेर कहे जो दिल छू गए लेकिन कुछ वक्‍त पहले उनका एक शेर 'बुलाती है मगर जाने का नहीं' काफी वायरल हुआ था। इस शेर का कई भाषाओं में उनके फैंस ने किया था और यह लाइन मीम बनाकर भी कई बार इस्‍तेमाल की गई । 

बुलाती है मगर जाने का नहीं - राहत इंदौरी

बुलाती है मगर जाने का नहीं
ये दुनिया है इधर जाने का नहीं

मेरे बेटे किसी से इश्क़ कर
मगर हद से गुज़र जाने का नहीं

ज़मीं भी सर पे रखनी हो तो रखो
चले हो तो ठहर जाने का नहीं

सितारे नोच कर ले जाऊंगा
मैं खाली हाथ घर जाने का नहीं

वबा फैली हुई है हर तरफ
अभी माहौल मर जाने का नहीं

वो गर्दन नापता है नाप ले
मगर जालिम से डर जाने का नहीं

कुमार विश्‍वास ने जताया शोक 

राहत के निधन पर कवि कुमार विश्वास ने शोक जताया है। कुमार विश्वास ने कहा, 'हे ईश्वर ! बेहद दुखद ! इतनी बेबाक़ ज़िंदगी और ऐसा तरंगित शब्द-सागर इतनी ख़ामोशी से विदा होगा,कभी नहीं सोचा था ! शायरी के मेरे सफ़र और काव्य-जीवन के ठहाकेदार क़िस्सों का एक बेहद ज़िंदादिल हमसफ़र हाथ छुड़ा कर चला गया' 

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