अजब: भारत में इस जगह दुकानों पर नहीं होते दुकानदार, खुद से सामान लेकर पैसे रख जाते हैं ग्राहक

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 22, 2022, 03:01 PM IST

Shops Without Shopkeepers: भारत में एक ऐसी जगह है, जहां दुकानों में कोई दुकानदार ही नहीं होता है। यहां के लोग इतने ईमानदार हैं कि खुद से दुकान में जाकर सामान लेते हैं और अपने आप पैसे रख देते हैं। ये दुकानें विश्वास के सिंद्धांत पर काम करती हैं। यह जगह नॉर्थ ईस्ट राज्य मिजोरम में स्थित है।

अजब: भारत में इस जगह दुकानों पर नहीं होते दुकानदार, खुद से सामान लेकर पैसे रख जाते हैं ग्राहक
Photo Credit: Facebook

Shops Without Shopkeepers: आजकल सामान चोरी होने से बचाने के लिए लोग अपनी दुकानों में सीसीटीवी कैमरे लगवाते हैं। इसके अलावा अलग से सुरक्षाकर्मी रखते हैं, जिससे की सामान चोरी न होने पाए। वहीं दूसरी तरफ भारत में एक ऐसी जगह है, जहां दुकानों में कोई दुकानदार ही नहीं होता है। यहां के लोग इतने ईमानदार हैं कि खुद से दुकान में जाकर सामान लेते हैं और अपने आप पैसे रख देते हैं। ये दुकानें विश्वास के सिंद्धांत पर काम करती हैं। यह जगह नॉर्थ ईस्ट राज्य मिजोरम में स्थित है।

मिजोरम की राजधानी आइजोल से कुछ ही दूरी पर एक शहर है, जिसका नाम सेलिंग है। इस शहर में बहुत ही अद्भुत और अनोखी परंपरा है। यहां दुकानें बिना दुकानदार की चलाई जाती हैं। सेलिंग शहर के हाइवे पर आपको सैकड़ों ऐसी दुकानें दिख जाएंगी, जो बिना दुकानदारों के चलाई जा रही होंगी। इसे Nghah Loh Dawr Culture of Mizoram कहा जाता है। इसका मतलब है 'बिना दुकानदार की दुकान।' अगर आप इन दुकानों से कुछ लेना चाहते हैं तो अपने आप जाइए, सामान लीजिए और वहां रखे बॉक्स में पैसा रख दीजिए। 

सामान लेकर पैसे रख जाते हैं ग्राहक

इन दुकानों मे फल, सब्जियां, छोटी मछलियां, फलों के रस आदि मिलते हैं। दुकान में जो भी सामान होता है, उसके पास उसका सही मूल्य लिख होता है। इसके साथ ही डिपॉजिट बॉक्स या फिर कोई कटोरी रख दी जाती है। इसके बाद लोग अपनी जरूरत के हिसाब से सामान लेते हैं और बॉक्स या कटोरी में सही दाम रख देते हैं। सेलिंग के एक दुकान की फोटो इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रही है।

दरअसल, इन दुकानों को चलाने वाले गरीब किसान होते हैं। अपना गुजारा करने के लिए ये किसान खेती करते हैं। उनके पास इतना समय नहीं होता है कि वह खुद दुकानों पर बैठ सकें। इसके साथ ही उनकी हैसियत नौकर रखने की होती नहीं है। इसलिए वह दुकान रखकर चले जाते हैं। इसके बाद ग्राहक आते हैं, सामान लेते हैं और पैसे रखकर चले जाते हैं। आश्चर्य की बात यह है कि पैसे चोरी भी नहीं होते हैं। आज तक इन दुकानों पर सामान या पैसे की कोई चोरी नहीं हुई है।

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