'भूसे की पराली' से बना डाला 'कोविड हॉस्पिटल', गोरखपुर की श्रीति का कमाल, Forbes Magazine ने भी माना लोहा

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Apr 22, 2021, 08:18 PM IST

दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित पत्रिका 'फोर्ब्स' ने श्रीति पांडे को एशिया के 30 सबसे मेधावी लोगों में शामिल किया है वजह है खेती के वेस्टेज को बेहतर तरीके से प्रयोग करना, उसने पराली से कोविड हॉस्पिटल भी बना डाला है।

'भूसे की पराली' से बना डाला 'कोविड हॉस्पिटल', गोरखपुर की श्रीति का कमाल, Forbes Magazine ने भी माना लोहा

दुनिया में मेधावी लोगों की कमी नहीं है जो अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने में किसी से पीछे नहीं रहते हैं और उनकी मेधा का लोहा दुनिया भी मानती है, ऐसे ही गोरखपुर की एक लड़की है श्रीति पांडे (Sriti Pandey) जिसने अपनी खास प्रतिभा के दम पर दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित पत्रिका 'फोर्ब्स' (Forbes Magazine) में स्थान हासिल किया है।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक पराली जिसे खेती की भाषा में पुआल और धान कहते हैं जिसे आमतौर खेती के बाद वेस्ट माना जाता है और किसान उसे जला ही देते हैं लेकिन आप जानकर हैरान रह जायेंगे कि  गोरखपुर की श्रीति पांडे ने इसी पराली से कोविड अस्पताल (Covid Hospital) बना डाला है।

फोर्ब्स मैगजीन ने एशिया के 30 मेधावी लोगों की सूची में श्रीति को जगह दी

श्रीति पांडे  के इस कदम की खासी सराहना हो रही है और फोर्ब्स मैगजीन ने एशिया के 30 मेधावी लोगों की सूची में गोरखपुर की श्रीति पांडेय को जगह दी है गौर हो कि श्रीति भारत में कम पैसों में टिकाऊ घर बनाती है,कोरोना संकट को देखते हुए बिहार की राजधानी पटना से सटे एक गांव में श्रीति ने पराली से कोविड हॉस्पिटल बना डाला।

पराली से बना ये हॉस्पिटल महज 80 दिनों में तैयार हो गया

हॉस्पिटल में करीब 50 मरीजों का इलाज चल रहा है अपनी इसी खास काम की बल पर श्रीति ने अपने देश का उन्होंने नाम रौशन कर दिया है और इस काम के लिए उसे बहुत सराहना भी मिल रही है।

बताते हैं कि पराली से बना ये हॉस्पिटल महज 80 दिनों में तैयार हो गया है इस अस्पताल में मरीजों को एयरकंडीशन की भी जरूरत नहीं पढ़ती और पराली के चलते मौसम के हिसाब से रूम के अंदर टेंप्रेचर रहता है जो मरीजों के लिए इस गर्मी के मौसम में खासा मुफीद है।
 

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