यात्रा

Famous Lake in UP: उत्तर प्रदेश में है बेहद खूबसूरत झीलें, CM योगी के गोखपुर में सुकून का अहसास कराता है रामगढ़ ताल

  • Authored by: कुलदीप राघव
  • Updated Mar 11, 2023, 01:40 PM IST

Famous Lake in UP: कला, संस्कृति और पर्यटन के लिए देशभर में अलग स्थान रखने वाले उत्तर प्रदेश में काफी खूबसूरत झीलें हैं। एक जानकारी के अनुसार यूपी में करीब 8,642 झीलें हैं। इन्हीं झीलों की वजह से उत्तर प्रदेश में साल भर कई सारे प्रवासी पक्षियों का आना जाना लगा रहता है।

Image

Famous Lake in UP: उत्तर प्रदेश में है बेहद खूबसूरत झीलें, CM योगी के गोखपुर में सुकून का अहसास कराता है रामगढ़ ताल

List of Famous Lake in Uttar Pradesh: संस्कार, संस्कृति और प्रकृति के धनी भारत देश के हर हिस्से में देखने और महसूस करने के लिए कुछ नया है। अब अगर आपको घूमने-फिरने और नेचर के साथ कुछ दिन गुजारने हैं तो गंगा-यमुना से घिरे उत्तर प्रदेश की सैर जरूर करनी चाहिए। क्या आप जानते हैं कि, उत्तर प्रदेश उन राज्यों में शामिल है, जहां प्रसिद्ध झीलों और पहाड़ियों की भरमार है। कला, संस्कृति और पर्यटन (Uttar Pradesh Tourism) के लिए देशभर में अलग स्थान रखने वाले उत्तर प्रदेश में काफी खूबसूरत झीलें हैं। यहीं नहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमृत सरोवर मिशन के तहत, उत्तर प्रदेश राज्य में सबसे ज्यादा झीलों का निर्माण किया गया। जानकारी के अनुसार, यूपी में करीब 8,642 झीलें हैं। बता दें कि इन्हीं झीलों की वजह से उत्तर प्रदेश में साल भर कई सारे प्रवासी पक्षियों का आना जाना लगा रहता है। ये झीलें न केवल राज्य को सौंदर्य प्रदान कर रही हैं, बल्कि राज्यवासियों की पानी की जरूरतें भी पूरी कर रही हैं। ये हैं उत्तर प्रदेश की कुछ प्रमुख झीलें –

बरुआसागर झील Barua Sagar

झांसी शहर में स्थित ये झील बेहद मशहूर और राज्य की सबसे पुरानी झीलों की गिनती में शामिल है। ये बरुआसागर किले से पास में, इस झील को देखने के साथ आप जराय का मठ और बुंदेलखंड का महल भी देख सकते हैं।

Ramgarh Taal Gorakhpur 1

रामगढ़ ताल गोरखपुर

रामगढ़ ताल Ramgarh Taal

गोरखपुर शहर की रामगढ़ ताल झील, करीब 723 हेक्टेयर के दायरे में फैली हुई है। इस झील में बहुत सी तरह की मछलियां पाई जाती है। जो पर्यटकों के लिए बेहद आनंद देने वाला नजारा होता है। इसी के साथ राज्य सरकार ने इस जगह पर वाटर स्पोर्ट्स का कॉम्प्लेक्स भी बनवाया है।

बेला सागर झील Bela Sagar Jheel

उत्तर प्रदेश के बेलाताल गांव में स्थित ये झील आस पास के गांवों के लिए पानी का अच्छा स्त्रोत है। ये मानव निर्मित झील जैतपुर के राजा परीक्षित ने बनवाई थी।

करेला/इतौजा झील

लखनऊ शहर में स्थित ये झील, सई नदी से कटकर बनी है। घोड़े की नाल के आकार की ये नदी आसपास बहुत से पेड़-पौधों और पक्षियों से घिरी हुई है।

moti jheel

मोती झील कानपुर

मोती झील Moti Jheel

कानपुर में स्थित ये झील ब्रिटिश शासन काल से मौजूद है। उस समय ये शहरवासियों के लिए पानी का मुख्य स्रोत मानी जाती है। इन दिनों सरकार ने इसका सुंदरीकरण करके पर्यटन स्थल में तब्दील कर दिया है।

लिलौर झील

बरेली शहर की इस झील के महाभारत काल के साक्षी होने के कई सारे सबूत है। हालांकि इन दिनों ये झील सूखे के कारण अपने अस्तित्व के लिए लड़ रही है। लेकिन इसके पर्यटन स्थल बनने के संकेत हैं।

ठिठौरा झील

फतेहपुर की ये झील ससुर नदी का उद्गम स्थल है। जिसे पक्षी विहार बनाने के लिए सरकार के प्रयास जारी है। जिससे पक्षियों के साथ साथ सूखी नदी और आस पास के लोगों को भी जीवनदान मिल जाएगा।

अजगरा झील

लक्ष्मणपुर ब्लाक के अजगरा स्थित तालाब की ऐतिहासिकता पांडव काल से जुड़ी है। प्रतापगढ़ की इस झील किनारे कई दुर्लभ पक्षी देखें जा सकते हैं।

शुक्रताल Sukira Taal

मुजफ्फरनगर से एक घंटे की दूरी पर स्थित झील हिंदुओं के लिए पवित्र स्थान माना जाता है। इसे शुक्रतीर्थ के रूप में भी जाना जाता है। जहां गंगा में डुबकी लगाकर पापों से मुक्ति पाई जा सकती है।

keetham jheel

कीठम झील आगरा

कीथम झील Keetham Jheel

आगरा दिल्ली हाईवे पर स्थित ये बेहद खूबसूरत झील, टूरिस्ट्स को खूब आकर्षित करती है। कीथम झील को सूर सरोवर नाम से भी जाना जाता है, जो बहुत से पक्षियों, जानवरों और मछलियों का घर है। इस क्षेत्र को 1991 में राष्ट्रीय पक्षी सेंचुरी के अंतर्गत शामिल किया था।

रामताल Ram Taal

मेरठ शहर में रामताल झील पर्यटन के लिए अच्छा स्थल है। इसे रामताल गार्डन बनाने का प्रयास जारी है। कहा जाता है कि सीता माता की प्यास बूझाने हेतु श्री राम ने यहां की धरती से पानी उत्पन्न किया था।

शेखा झील

अलीगढ़ शहर से 17 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ये झील पक्षी विहार के रूप में खूब प्रचलित है।

अलवारा झील

कौशांबी की अलवारा झील करीब 2250 बीघा जमीन पर फैली हुई है। यहां पर जैव विविधता पार्क बनाने के पूरे प्रयास जारी है।

इन्हीं झीलों के साथ मथुरा की नौह झील, अयोध्या का सीता कुंड और भरत कुंड, वाराणसी की औंधी ताल, इटावा की भीखा झील, फैजाबाद की दरवन झील, महोबा का मदन सागर, कानपुर का बल हापारा, कन्नौज की देवरिया ताल कुछ प्रमुख झीलों की लिस्ट में शामिल है।

कुलदीप राघव
कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article