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बिना बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के नहीं खरीद पाएंगे नया सिम कार्ड, सरकार ने बंद किए 52 लाख कनेक्शन

New SIM Cards Rules: पहले से सिम कार्ड होने पर भी बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन की जरूरत हो सकती है। यह नियम तीन तरह के फिजिकल सिम और eSim पर भी लागू होंगे। इसके अलावा यदि सिम कार्ड को 90 दिनों तक इस्तेमाल नहीं किया जाता है तो टेलीकॉम कंपनियां उसे ब्लॉक कर सकती हैं।

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New SIM Cards Rules

New SIM Cards Rules: साइबर क्राइम और अनचाही कॉल पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने सिम कार्ड के दिशानिर्देशों में बदलाव किए हैं। नए बदलावों को दूरसंचार विभाग (DoT) के नए दूरसंचार अधिनियम 2023 (Telecom Act 2023) में शामिल किया गया है। इन नियमों को लोकसभा चुनाव के बाद से लागू किया जा सकता है। नए बदलावों में बायोमेट्रिक और पुलिस वेरिफिकेशन जैसे अनिवार्य नियम शामिल हैं।

नियमों में क्या हुआ बदलाव?

नया मोबाइल नंबर प्राप्त करने की अपेक्षित प्रक्रिया में अब आपका आधार नंबर देना और बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन कराना अनिवार्य होगा। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि नया कानून वर्तमान मोबाइल नंबर यूजर्स पर भी बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन लागू करता है। यानी पहले से सिम कार्ड होने पर भी बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन की जरूरत हो सकती है। दूरसंचार विभाग ने इसके लिए अगले 100 दिनों के लिए भी पूरी तैयारी कर ली है।

कब से लागू होंगे नियम?

हालांकि, इसकी अभी कोई तारीख तय नहीं की गई है, लेकिन आम चुनाव के बाद 15 सितंबर से नए दूरसंचार अधिनियम 2023 नियम लागू हो सकते हैं। इसमें बिना बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के कोई भी नया सिम कार्ड नहीं खरीद सकेगा। यह नियम तीन तरह के फिजिकल सिम और eSim पर भी लागू होंगे। इसके अलावा यदि सिम कार्ड को 90 दिनों तक इस्तेमाल नहीं किया जाता है तो टेलीकॉम कंपनियां उसे ब्लॉक कर सकती हैं। साइबर फ्रॉड और अनचाही कॉल से निजात पाने के लिए इन नियमों में बदलाव किया गया है।

52 लाख कनेक्शन हुए ब्लॉक

हाल ही में दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा था, "हमने 52 लाख धोखाधड़ी वाले कनेक्शनों का पता लगाया है और उन्हें डीएक्टिवेट कर दिया है, और 67,000 डीलरों को ब्लैक लिस्ट में डाल दिया गया है। 300 एफआईआर दर्ज की गई हैं। 17,000 मोबाइल हैंडसेट ब्लॉक कर दिए गए हैं।"

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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