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Sleep Mode और Shutdown में क्या है अंतर? 90% यूजर्स को नहीं मालूम है इनका अंतर

अगर आपको लगता है कि स्लीप और शटडाउन मोड एक जैसा है तो ऐसा नहीं है। दोनों ही फंक्शन का अलग-अलग पर्पज है और ये लैपटॉप या फिर डेस्कटॉप की हेल्थ पर भी सीधा असर डालते हैं।

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अगर आपको थोड़ी देर के लिए काम रोकना है तो आप स्लीप मोड का इस्तेमाल कर सकते हैं। (फोटो क्रेडिट-iStock)

स्मार्टफोन के साथ-साथ लैपटॉप भी अब हमारे डेली रूटीन लाइफ का हिस्सा बन चुका है। अब एंटरटेनमेंट से लेकर एजूकेशन और प्रोफेशनल तक के कई सारे काम के लिए लैपटॉप और डेस्कटॉप का जमकर इस्तेमाल होता है। अगर आप पास लैपटॉप या फिर डेस्कटॉप है तो आपने देखा होगा कि डिवाइस को बंद करने के लिए हमें Sleep Mode और Shutdown का ऑप्शन मिलता है। क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर इन दोनों में क्या अंतर है और हमें किस फंक्शन का इस्तेमाल करना चाहिए।

अगर आपको लगता है कि स्लीप और शटडाउन मोड एक जैसा है तो ऐसा नहीं है। दोनों ही फंक्शन का अलग-अलग पर्पज है और ये लैपटॉप या फिर डेस्कटॉप की हेल्थ पर भी सीधा असर डालते हैं। आइए आपको बताते हैं कि कब स्लीप मोड को इस्तेमाल करना चाहिए और कब शटडाउन मोड को इस्तेमाल करना चाहिए।

स्लीप मोड (Sleep Mode)

यह कैसे काम करता है: अगर आप स्लीप मोड को इस्तेमाल करते हैं तो बता दें कि यह फीचर डिवाइस की स्क्रीन बंद कर देता है और सीपीयू (CPU) व हार्ड ड्राइव जैसे मुख्य हार्डवेयर को निष्क्रिय कर देता है। लेकिन, इस दौरान डिवाइस में रैम काम करती रहती है।

फायदा: स्लीप मोड का सबसे बड़ा फायदा यह है कि जब आप दोबारा लैपटॉप को ऑन करते हैं तो यह 2 से 3 सेकंड में ही ऑन हो जाता है और आपने जहां पर डिवाइस को छोड़ा था सभी फाइल्स वहीं से ओपन होती हैं। इससे आपको दोबारा फाइल को रीओपन नहीं करना पड़ता है।

नुकसान: अगर आप स्लीप मोड का इस्तेमाल करते हैं तो इसके कुछ नुकसान भी हैं। इसका सबसे बड़ा नुकसान यह है कि डिवाइस बंद होने के बाद भी बैटरी खर्च होती रहती है। ऐसे में अगर आप बहुत समय के लिए स्लीप मोड में रखते हैं तो डिवाइस की पूरी बैटरी खत्म हो सकती है।

शट डाउन (Shut Down)

यह कैसे काम करता है: अगर आप अपने लैपटॉप या फिर डेस्कटॉप को बंद करने के लिए शटडाउन का इस्तेमाल करते हैं तो यह डिवाइस में ओपन सभी ऐप्लिकेशन और सॉफ्टवेयर को पूरी तरह से बंद कर देता है। यह सभी एक्टिव एप्लिकेशन, सॉफ्टवेयर और ऑपरेटिंग सिस्टम की प्रक्रियाओं (processes) को पूरी तरह से बंद कर देता है।

फायदा: शट डाउन करने के बाद आपके डिवाइस की बैटरी की खपत पूरी तरह से शून्य हो जाती है। इसका एक बड़ा फायदा यह है कि लैपटॉप की रैम रिफ्रेश हो जाती है। इसकी वजह से आपका लैपटॉप या फिर डेस्कटॉप ज्यादा फास्ट काम करता है।

नुकसान: शटडाउन मोड का एक नुकसान भी है। जब आप दोबारा अपने डिवाइस को ऑन करते हैं तो इसे पूरी तरह से चालू होने में थोड़ा समय लगता है। इसके साथ ही आपको अपने काम को शुरू करने के लिए सभी प्रोग्राम्स को नए सिरे से ओपन करना होगा।

Gaurav Tiwari
गौरव तिवारी author

गौरव तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट को कवर करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 9 वर्षों के अनुभव के साथ, गौरव तकनीकी दुनिया की तेजी से ... और देखें

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