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PhonePe ने भारत में लॉन्च किया इंडस ऐपस्टोर, मिलेगा 12 भारतीय भाषाओं का सपोर्ट

PhonePe Indus App Store: वॉलमार्ट के स्वामित्व वाली फिनटेक फर्म ने कहा कि उसका नया ऐप स्टोरफ्रंट मार्केट में रीजनल लैंग्वेज कंटेंट की कमी की प्रमुख समस्या को हल करने का काम करेगा। ऐप 12 भारतीय क्षेत्रीय भाषाओं को सपोर्ट करता है। इसमें हिंदी, कन्नड़, मलयालम, मराठी, पंजाबी, तमिल आदि शामिल हैं।

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PhonePe Indus App Store

PhonePe Indus App Store: ऑनलाइन पेमेंट प्लेटफार्म फोनपे ने भारत में अपना एंड्रॉयड-आधारित मोबाइल ऐप मार्केटप्लेस, इंडस ऐपस्टोर लॉन्च कर दिया है। ऐप स्टोर को संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक हाइब्रिड इवेंट के दौरान लॉन्च किया। इंडस ऐपस्टोर अंग्रेजी और 12 भारतीय क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध होगा। यह वीडियो-आधारित ऐप डिस्कवरी, मोबाइल-आधारित लॉगिन और एआई-संचालित ऐप जैसी सुविधाओं के साथ आता है।

इंडस ऐपस्टोर

वॉलमार्ट के स्वामित्व वाली फिनटेक फर्म ने कहा कि उसका नया ऐप स्टोरफ्रंट मार्केट में रीजनल लैंग्वेज कंटेंट की कमी की प्रमुख समस्या को हल करने का काम करेगा। ऐप 12 भारतीय क्षेत्रीय भाषाओं को सपोर्ट करता है। इसमें हिंदी, कन्नड़, मलयालम, मराठी, पंजाबी, तमिल आदि शामिल हैं।

ऐप ऐप स्टोर में टॉप पर एक टॉगल बटन भी मिलता है जो यूजर्स को भाषाओं के बीच स्विच करने की सुविधा देता है। टॉगल न केवल इंटरफेस पर कंटेंट की भाषा बदलता है बल्कि ऐप के नाम, ऐप ट्रेलर और वीडियो के साथ-साथ ऐप डिटेल्स भी बदलता है। PhonePe ने कहा कि यह अनुवाद कंपनी की ओर से किया गया है।

2 लाख ऐप मिलेंगे

कंपनी ने कहा, इंडस ऐप स्टोर पर लॉन्च के समय 200,000 ऐप थे। जिनमें प्रमुख ऐप्स जैसे फ्लिपकार्ट, डिज्नी + हॉटस्टार, मिंत्रा, जोमैटो, स्विगी, स्नैपचैट जैसे कई ऐप शामिल हैं। इसके अलावा एप स्टोर में कई हजार गेम शामिल हैं। प्लेटफार्म में गेमिंग की तीन प्रमुख कैटेगरी हैं जिसमें कैजुअल गेमिंग, हेवी गेमिंग और रियल मनी गेमिंग (आरएमजी) शामिल हैं।

पहले साल के लिए होगा फ्री

कंपनी ने कहा कि इंडस ऐपस्टोर को पहले साल के लिए डेवलपर के लिए फ्री किया जा रहा है, लेकिन उसके बाद, वार्षिक शुल्क लगाया जाएगा। इसके अलावा अगर अलग पेमेंट गेटवे का उपयोग किया जाता है तो मार्केटप्लेस डेवलपर्स से इन-ऐप पेमेंट के लिए कोई प्लेटफार्म शुल्क या कमीशन नहीं लिया जाएगा। जबकि एप्पल और गूगल इसके लिए 15 प्रतिशत से 25 प्रतिशत कमीशन लेते हैं और अन्य पेमेंट सर्विस के इंटीग्रेशन की अनुमति नहीं देते हैं।

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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