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नैसकॉम फाउंडेशन और मैथको ने ‘न्यूरोडायवर्जेंट’ युवाओं के लिए AI ट्रेनिंग प्रोग्राम किया लॉन्च

AI training program: प्रतिभागी डेटा एनोटेशन सीखेंगे, जो एआई मॉडल के लिए एक महत्वपूर्ण कौशल है। साथ ही उन्हें वर्क प्लेस में सफल होने में मदद करने के लिए मेंटरशिप और कॉन्फिडेंस बिल्डिंग सपोर्ट भी मिलेगा। नैसकॉम फाउंडेशन की सीईओ ज्योति शर्मा ने कहा, "हमारा मानना ​​है कि वास्तव में इन्क्लूसिव भारत की शुरुआत सुलभ और सशक्त वातावरण बनाने से होती है।"

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Artificial intelligence

AI training program: नैसकॉम फाउंडेशन ने मैथको (द मैथ कंपनी) के साथ साझेदारी में गुरुवार को डेटा एनोटेशन में 'न्यूरोडायवर्जेंट' युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए एक स्पेशल स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम लॉन्च किया। "न्यूरोडाइवर्जेंट" शब्द आमतौर पर उन लोगों के लिए इस्तेमाल किया जाता है जो ऑटिज्म स्पेक्ट्रम पर हैं। इनके दिमाग सूचनाओं को ऐसे तरीके से समझते हैं जो ज्यादातर लोगों से अलग होता है।

इस पहल का उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग (एमएल) के बढ़ते क्षेत्र में उनके लिए रोजगार के अवसरों को बढ़ाना है। इस प्रोग्राम में टेक्निकल और सॉफ्ट स्किल दोनों पर ध्यान केंद्रित करते हुए 50 न्यूरोडायवर्जेंट व्यक्तियों को ट्रेन किया जाएगा। ट्रेनिंग दो चरणों में आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रत्येक बैच में 25 प्रतिभागी शामिल होंगे।

प्रतिभागी डेटा एनोटेशन सीखेंगे, जो एआई मॉडल के लिए एक महत्वपूर्ण कौशल है। साथ ही उन्हें वर्क प्लेस में सफल होने में मदद करने के लिए मेंटरशिप और कॉन्फिडेंस बिल्डिंग सपोर्ट भी मिलेगा। नैसकॉम फाउंडेशन की सीईओ ज्योति शर्मा ने कहा, "हमारा मानना है कि वास्तव में इन्क्लूसिव भारत की शुरुआत सुलभ और सशक्त वातावरण बनाने से होती है।"

मैथको के सीओओ और सह-संस्थापक आदित्य कुंभकोणम ने कहा, "सीखना सशक्तीकरण की दिशा में पहला कदम है और 'निरंतर सीखना' एक विकसित होती दुनिया में आगे रहने की कुंजी है।" उन्होंने कहा कि ये युवा व्यक्ति न केवल इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाएंगे बल्कि अपने करियर के निर्माण के साथ-साथ आगे बढ़ते रहेंगे। नैसकॉम फाउंडेशन न्यूरोडायवर्जेंट कर्मचारियों के लिए एक सहायक वातावरण सुनिश्चित करने के लिए नियोक्ताओं के लिए निरंतर मार्गदर्शन प्रदान करेगा।

इसका लक्ष्य कम से कम 60 प्रतिशत प्रतिभागियों को आईटी और आईटी-इनेबल्ड सर्विस (आईटीईएस) सेक्टर में इंटर्नशिप और नौकरियों में रखना है। डेटा एनोटेशन, जिसमें एआई मॉडल को ट्रेन करने के लिए डेटा को लेबल करना और टैग करना शामिल है, एक ऐसा कौशल है जिसकी बहुत मांग है क्योंकि 'एआई एप्लीकेशन' उद्योगों में बढ़ते जा रहे हैं। 'न्यूरोडायवर्जेंट' युवाओं को इस कौशल से लैस कर, कार्यक्रम का उद्देश्य करियर के नए अवसर पैदा करना है। हाल ही में, नैसकॉम फाउंडेशन ने नीति आयोग के साथ साझेदारी में कहा कि कंपनी भारत के एस्पिरेशनल ब्लॉक में एक लाख लोगों को डिजिटल रूप से सशक्त बना रहा है।

इनपुट-आईएएनएस

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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