Artemis Moon Mission: अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA 50 साल बाद एक बार फिर इंसानों को चंद्रमा पर भेजने की तैयारी कर रही है। इसी के चलते पहले पड़ाव के रूप में NASA ने Artemis-1 मिशन को सफलता पूर्वक लॉन्च कर दिया है। एजेंसी इस रॉकेट के जरिए चंद्रमा पर ओरियन स्पेसशिप (Orion Spaceship) भेज रही है। ये स्पेसशिप बिना अंतरिक्षयात्रियों के जा रहा है और 42 दिन में चंद्रमा की यात्रा करके वापस आएगा।
ये है पूरी डिटेल
NASA Artemis-I को फ्लोरिडा स्थित नासा के केनेडी स्पेस सेंटर के लॉन्च पैड 39B से 16 नवंबर को 12:17 PM IST को लॉन्च किया गया। इस मिशन के लिए 42 दिन, 3 घंटे और 20 मिनट का समय रखा गया है। ये रॉकेट 21 लाख किलोमीटर की यात्रा कर चंद्रमा के बाहर की रेट्रोग्रेड कक्षा में जाएगा। बाद में रॉकेट सैन डिएगो के आसपास प्रशांत महासागर में लैंड करेगा। लौटते समय ओरियन की गति 40 हजार किलोमीटर प्रतिघंटा होगी।
इतनी लंबी यात्रा करने वाला पहला स्पेसशिप होगा
इस मिशन में ओरियन स्पेसशिप दुनिया के सबसे ताकतवर और बड़े रॉकेट के ऊपरी हिस्से में रहेगा। इस स्पेसक्राफ्ट को खास तौर पर इंसानों की अंतरिक्ष यात्रा के लिए बनाया गया है। ये वो दूरी तय कर सकता है, जो आज तक किसी दूसरे स्पेसक्राफ्ट ने नहीं की। ओरियन स्पेसशिप सबसे पहले धरती से चंद्रमा तक 4.50 लाख किलोमीटर की यात्रा करेगा। इसके बाद चंद्रमा के अंधेरे वाले हिस्से की तरफ 64 हजार किलोमीटर दूर जाएगा। ये स्पेसक्राफ्ट बिना इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से जुड़े इतनी लंबी यात्रा करने वाला पहला स्पेसशिप होगा।
इस मिशन के तहत ओरियन और SLS रॉकेट चंद्रमा तक जाकर और धरती पर वापस आएंगे। अगर ये मिशन सफल रहता है तो साल 2025 तक अर्टेमिस मिशन के तरह चंद्रमा पर एस्ट्रोनॉट को भेजा जाएगा। इस पूरे मिशन को 3 हिस्सों में बांटा गया है-आर्टेमिस-1, आर्टेमिस,-2 और आर्टेमिस-3, अभी वाले मिशन की सफलता के बाद 3 साल बाद चांद की धरती पर फिर से मानव के कदम पड़ेंगे।
