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Zoho: दिन में गार्ड की नौकरी, रात में कोडिंग, पढ़िए Zoho में ऐप बनाने वाले अब्दुल अलीम की कहानी

Zoho Abdul Aleem: जोहो में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करने वाल अब्दुल अलीम आज एक कोडर हैं। स्कूल में केवल 10वीं तक की पढ़ाई और HTML के बुनियादी ज्ञान वाले अलीम को एलेक्सिस ने प्रोग्रामिंग सीखने के लिए प्रोत्साहित किया। अपनी 12 घंटे की शिफ्ट के बाद, अलीम रात में कोडिंग सीखते थे।

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Zoho Abdul Alim Journey/Photo- Abdul Alim/LinkedIn

प्रतिभा और दृढ़ संकल्प को अक्सर डिग्री या औपचारिक शिक्षा की सीमाओं में नहीं बांधा जा सकता। इस बात को साबित करते हैं जोहो (Zoho) कॉर्पोरेशन के सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट इंजीनियर अब्दुल अलीम, जिनकी एक सुरक्षा गार्ड से एक सफल डेवलपर बनने तक की कहानी इंटरनेट पर लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।

अब्दुल अलीम: लगन और मेंटरशिप की कहानी

अब्दुल अलीम की यह यात्रा 2013 में शुरू हुई थी, जब वह मात्र 1,000 रुपये लेकर अपने घर से निकले थे। दो महीने तक सड़कों पर संघर्ष करने के बाद, उन्हें जोहो के दफ्तर में सुरक्षा गार्ड की नौकरी मिली। उनकी जिंदगी में मोड़ तब आया जब जोहो के एक सीनियर कर्मचारी शिबू एलेक्सिस ने उनमें सीखने की लगन और जिज्ञासा को पहचाना। स्कूल में केवल 10वीं तक की पढ़ाई और HTML के बुनियादी ज्ञान वाले अलीम को एलेक्सिस ने प्रोग्रामिंग सीखने के लिए प्रोत्साहित किया। अपनी 12 घंटे की शिफ्ट के बाद, अलीम रात में कोडिंग सीखते थे।

आठ महीने में ऐप डेवलप

आठ महीने के भीतर, उन्होंने एक छोटा सा ऐप बना लिया, जिसने कंपनी के मैनेजर्स को प्रभावित किया। जोहो में यह मान्यता है कि कौशल डिग्री से अधिक महत्वपूर्ण है, इसी दर्शन के तहत, अलीम का इंटरव्यू लिया गया, जिसे उन्होंने सफलतापूर्वक पास किया। आज, अब्दुल अलीम जोहो में एक सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट इंजीनियर के रूप में कार्यरत हैं, जो कंपनी के इस सिद्धांत को मजबूत करते हैं कि सही मौका और दृढ़ संकल्प किसी भी पृष्ठभूमि के व्यक्ति को सफलता दिला सकता है।

Zoho का देसी विकल्प: ‘Arattai’ मैसेजिंग ऐप

अब्दुल अलीम की तरह ही, जोहो एक स्वदेशी विकल्प के रूप में भारतीय तकनीक के क्षेत्र में अपनी छाप छोड़ रहा है। कंपनी का इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप 'Arattai' (तमिल में जिसका अर्थ 'कैज़ुअल बातचीत' है) इन दिनों सुर्खियों में है। यह ऐप व्हाट्सएप और अन्य वैश्विक मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के लिए एक भारतीय विकल्प के रूप में तेजी से लोकप्रियता हासिल कर रहा है।

Arattai के फीचर्स

  • भारतीय पहचान: इस ऐप को पूरी तरह से भारत में विकसित किया गया है और इसका जोर 'आत्मनिर्भर भारत' पहल पर है।
  • गोपनीयता और सुरक्षा: जोहो वादा करता है कि यह ऐप विज्ञापन-मुक्त है और उपयोगकर्ता का डेटा किसी थर्ड पार्टी को बेचा या साझा नहीं किया जाता है। सभी डेटा भारतीय डेटा सेंटर्स में सुरक्षित रखे जाते हैं।
  • वीडियो मीटिंग्स: Arattai में 'Meetings' फीचर है, जो Zoom या Google Meet की तरह ऐप के अंदर ही वीडियो मीटिंग्स शुरू करने, जुड़ने और शेड्यूल करने की सुविधा देता है।
  • पॉकेट (Pocket) फीचर: यह एक व्यक्तिगत क्लाउड स्टोरेज की तरह काम करता है, जहां उपयोगकर्ता नोट्स, मीडिया और महत्वपूर्ण संदेशों को सुरक्षित रूप से सहेज सकते हैं।
  • अन्य सुविधाएं: ऐप में टेक्स्ट और वॉयस मैसेज, ऑडियो/वीडियो कॉल, 1,000 सदस्यों तक के ग्रुप चैट, और 'Stories' व 'Channels' जैसी परिचित सुविधाएं उपलब्ध हैं।
  • उपलब्धता: Arattai ऐप Android और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर मुफ्त में उपलब्ध है।
Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

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